Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    जीएसटी के लिए जुटेंगे भाजपा के मुख्यमंत्री, शाह देंगे दिशा-निर्देश

    By Gunateet OjhaEdited By:
    Updated: Fri, 05 Aug 2016 07:39 AM (IST)

    27 अगस्त को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है।

    आशुतोष झा, नई दिल्ली। गुजरात में मुख्यमंत्री परिवर्तन और संसद से जीएसटी पारित होने जैसी दो बड़ी घटनाओं के बाद भाजपा के सभी मुख्यमंत्रियों को कमर कसनी होगी। 27 अगस्त को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है। उन्हें सुशासन के मुद्दे पर मोदी सरकार के साथ कदमताल करने को कहा जाएगा। इसके अलावा विधानसभाओं से जल्द जीएसटी पारित करने का निर्देश दिया जाएगा। संभव है कि उन्हें विशेष सत्र बुलाने को भी कहा जाए।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्रियों की बैठक के लिए एजेंडा तैयार किया जा रहा है, लेकिन उसमें एक मुद्दा जीएसटी से जुड़ा है। सरकार अगले साल के अप्रैल से जीएसटी को लागू कर देना चाहती है। लेकिन संविधान में संशोधन के लिए इसका 15 राज्यों की विधानसभाओं से पारित होना जरूरी है। नौ राज्यों में भाजपा की सरकार है। आंध्र प्रदेश, नगालैंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भाजपा समर्थित राजग सरकार है। उनसे भी जीएसटी को पारित करने का आग्रह किया जाएगा। इसके बाद दो और राज्यों की मदद की दरकार होगी। उसे बिहार और पश्चिम बंगाल से पूरा किया जा सकता है।

    भाजपा के मुख्यमंत्रियों को सलाह दी जा सकती है कि संभव हो तो विशेष सत्र बुलाकर जीएसटी को पारित करें। बिहार शुरू से जीएसटी के पक्ष में रहा है और संसद में तृणमूल कांग्रेस ने भी इसे पूरा समर्थन दिया है। कांग्रेस शासित राज्यों से भी जल्द जीएसटी पारित करने को कहा जाएगा। मुख्यमंत्रियों की बैठक से पहले 23 अगस्त को सभी राज्यों के कोर ग्रुप की बैठक बुलाई गई है। सूत्रों के अनुसार, अगले साल चुनाव तो केवल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में है, लेकिन शाह सभी राज्यों को कसने में जुट गए हैं। कोरग्रुप की बैठक में हर राजनीतिक मसले पर चर्चा होगी। उनसे फीडबैक लिया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि छत्तीसगढ़ पर ज्यादा गंभीर चिंतन हो सकता है। दरअसल वहां पर कांग्रेस और भाजपा के वोट में महज एक फीसद का अंतर है। लिहाजा छत्तीसगढ़ को संपर्क और संवाद पर ज्यादा ध्यान देने को कहा जाएगा।

    अगले सप्ताह लोकसभा में फिर पेश होगा जीएसटी बिल

    राज्यसभा से भारी बहुमत से पारित होने के बाद जीएसटी विधेयक को अगले सप्ताह लोकसभा में फिर से पेश किया जाएगा। वैसे तो लोकसभा इस विधेयक को एक बार पारित कर चुका है, लेकिन राज्यसभा ने इसमें छह संशोधन लगा दिया। अब उन संशोधनों को मंजूरी दिलाने के लिए निचले सदन से इसे फिर से पारित कराना होगा। राज्यसभा द्वारा किए गए संशोधन में एक प्रतिशत अतिरिक्त कर हटाना भी शामिल है।

    सोनिया गांधी के कंधे की हुई सर्जरी, जल्द होंगी आईसीयू से बाहर

    सार्क सम्मेलन में राजनाथ की खरी-खरी, कहा बंद करो आतंकी महिमामंडन