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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

BJD सांसद ने सरकार से पूछा, कहां गायब हो गए कश्मीर के 80 मंदिर

By Sachin MishraEdited By:
Published: Sat, 12 Dec 2015 01:17 PM (IST)Updated: Sat, 12 Dec 2015 01:18 PM (IST)

बीजू जनता दल (बीजद) ने जम्मू-कश्मीर में तेजी से गायब हो रहे मंदिरों का मामला उठाते हुए संसद में शुक्रवार को सरकार से सवाल पूछा।

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नई दिल्ली। बीजू जनता दल (बीजद) ने जम्मू-कश्मीर में तेजी से गायब हो रहे मंदिरों का मामला उठाते हुए संसद में शुक्रवार को सरकार से सवाल पूछा। बीजद ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि 2009 से अभी तक जम्मू-कश्मीर में 80 मंदिर गिराए जा चुके हैं। इसके साथ ही सरकार से सवाल किया कि वह ऐसे अलगाववादी नेताओं को सुरक्षा क्यों मुहैया करवा रही है, जो लगातार भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं या रहे हैं।
भाजपा के निशिकांत दुबे द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर बोलते हुए बीजद के भर्त्रहरी महताब ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मुहैया कराई गई लिस्ट के अनुसार, कम से कम 80 मंदिर गायब हैं। लिस्ट के अनुसार 1989 से पहले कश्मीर में 436 मंदिर थे। 266 मंदिर सही सलामत थे और 170 क्षतिग्रस्त। कश्मीर के मंदिर, पर्यटन के केंद्र. इसके बाद 90 मंदिरों का पुनर्रुद्धार किया गया था। वहां के बाकी 80 मंदिर कहां गए।
उन्होंने कहा कि 1989 में कश्मीरी पंडितों के खिलाफ शुरू हुए अभियान व आतंकियों के डर से 1989 से अबतक 3.5 लाख हिंदू वहां से घर छोड़कर कहीं और जाकर बस गए हैं।
इसके साथ ही महताब ने केंद्र से पूछा कि वो भारत के खिलाफ बयान देने वाले अलगाववादी नेताओं को सुरक्षा क्यों मुहौया कराती है। उन्होंने पूछा कि अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा पर सरकार कश्मीर में कितना पैसा खर्च करती है और तब भी जब वे पाकिस्तानी हाई कमिश्नर से मुलाकात के लिए दिल्ली आते हैं।
महताब ने कहा कि वे इस सरकार से जवाब सुनना चाहेंगे क्योंकि मुझे लगता है कि यह सरकार संसद में रखे गए सवालों का जवाब देती है।
महताब की तरफ से आंकड़े दिखाए गए। यह आंकड़े गृह सचिव द्वारा संसद को दिए गए थे। इसमें दिखाया गया कि 1989 में कश्मीर में 436 मंदिर थे।