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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

किरण बेदी पर केजरीवाल नरम, कुमार विश्वास ने दिखाए तेवर

By anand rajEdited By:
Published: Sat, 17 Jan 2015 08:37 AM (IST)Updated: Sat, 17 Jan 2015 02:52 PM (IST)

किरण बेदी के भाजपा में जाने पर आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल नरम रहे तो वहीं आप ...और पढ़ें

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नई दिल्ली (राज्य ब्यूरो)। किरण बेदी के भाजपा में जाने पर आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल नरम रहे तो वहीं आप नेता कुमार विश्वास शुक्रवार को भी बेदी पर आक्रामक रहे। बेदी को पुराने दिनों की याद दिलाते हुए विश्वास ने कहा कि भाजपा में शामिल होने के बाद वह राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में लाने की कोशिश करती रहेंगी। फंडिंग की पारदर्शिता की लड़ाई भी लड़ेंगी। इतना ही नहीं, विश्वास ने सोशल नेटवर्किग साइट पर बेदी के भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ किए गए पुराने ट्वीट को भी साझा किया।

बृहस्पतिवार को बेदी के भाजपा में शामिल होने के बाद विश्वास ने कहा था कि हमें जयचंद वाले घर के जयचंदों से ही खतरा है। इस पर बेदी की प्रतिक्रिया रही कि विश्वास अछी कविता करते हैं। उनकी ताकत उनकी कविता है, वह कविता करें। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए विश्वास ने बेदी का आभार व्यक्त किया।

साथ ही कहा कि मेरे साथ अछा यह है कि मेरी कविताएं वडोदरा महोत्सव, सैफई महोत्सव और लालकिले के सरकारी कवि सम्मेलनों में नहीं सुनी जातीं। सरकार चाहें किसी की भी हो लेकिन मेरी कविता सुनने की हिम्मत किसी की नहीं होती। हम तो अन्ना के आंदोलन में कविता करते हैं, दामिनी में जब लोग लाठी खा रहे होते हैं तब कविता करते हैं। दूसरी तरफ कुमार विश्वास ने दावा किया कि भाजपा ने उनसे भी पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इसे उन्होंने खारिज कर दिया। विश्वास ने बेदी को याद दिलाया कि कभी उन्होंने भाजपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया था। वह चाहे गुजरात दंगों की बात हो, राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में लाने का मामला हो, काला धन वापसी व कोयला घोटाले का सवाल हो। तंज कसते हुए विश्वास ने कहा कि अब वह भाजपा में शामिल हो गई हैं। उम्मीद है कि अब भी वह आरटीआई का सवाल उठाएंगी।
दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आप बिना किसी का नाम लिए दिल्ली में सकारात्मक मुद्दों के जरिए सियासी लड़ाई लड़ रही है। बेदी को सरकारात्म तरीके से काम करना चाहिए।

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