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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लोकपाल पर निगरानी रखेंगे अन्ना हजारे

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Published: Wed, 18 Dec 2013 08:33 PM (IST)Updated: Wed, 18 Dec 2013 09:27 PM (IST)

लोकसभा में बुधवार को लोकपाल विधेयक पारित होने के बाद समाजसेवी अन्ना हजारे ने नौ दिनों से चला आ रहा ...और पढ़ें

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मुंबई [जासं]। लोकसभा में बुधवार को लोकपाल विधेयक पारित होने के बाद समाजसेवी अन्ना हजारे ने नौ दिनों से चला आ रहा अपना अनशन खत्म कर दिया। तीन स्कूली बच्चों ने अन्ना को नारियल पानी पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। अब अन्ना एक ऐसा तंत्र विकसित करेंगे जो लोकपाल प्रणाली की निगरानी करेगा एवं उसके सही उपयोग का तरीका जनता को समझाएगा। अन्ना ने लोकपाल को 'जोकपाल' बताने वाली अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा।

अन्ना ने रालेगणसिद्धी में कहा कि सिर्फ कानून बन जाना ही काफी नहीं है। उसे सही तरीके से अमल में लाया जाना भी जरूरी है। इसके लिए अवकाशप्राप्त जजों, पुलिस महानिदेशकों एवं अन्य सेवाभावी लोगों की समितियां गठित की जाएंगी, जो इस पर रखेंगी कि लोकपाल कानून अमल में लाया जा रहा है या नहीं। अन्ना ने इस तंत्र को विकसित करने के लिए लोगों से आर्थिक सहायता भी मांगी है। उनका मानना है कि देश की लगभग सवा अरब की आबादी का हर व्यक्ति यदि अपनी तरफ से पांच रुपये का भी योगदान दे, तो लोकपाल कानून की जानकारी आम आदमी तक पहुंचाना आसान हो जाएगा। उन्होंने यह भरोसा भी दिया कि जनता से मिलने वाले एक-एक पैसे का हिसाब रखा जाएगा। अन्ना ने समाजवादी पार्टी को छोड़कर लोकसभा में विधेयक पारित कराने वाले सांसदों और प्रवर समिति के प्रति आभार जताया। गांधीवादी नेता उम्मीद जताई कि लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पहले संसद से पारित इस विधेयक पर राष्ट्रपति की मुहर लग जाएगी।

लोकपाल बिल पास, अन्ना ने खत्म किया अनशन

अन्ना ने इशारों ही इशारों में आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें विदेश से कोई दान नहीं मिलता है। इस बार उनके अनशन पर हुए खर्च का बोझ भी रालेगणसिद्धि के लोगों ने ही उठाया है। अन्ना यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि हमारे साथ चरित्रवान लोग ही जुड़ने चाहिए। अन्ना का नाम लेकर उसका दुरुपयोग करनेवाले लोग इस आंदोलन से नहीं जुड़ने चाहिए। अन्ना के अनुसार जो लोग देश और समाज की सेवा करना चाहते हैं, उन्हें चुनकर वह राष्ट्रीय स्तर पर एक संगठन खड़ा करेंगे। उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि वे राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर लोकपाल कानून पर एक वाच डॉग की तरह अमल करवाने का काम करेंगे। अन्ना के अनशन में उनके साथ मौजूद पूर्व पुलिस अधिकारी किरण बेदी ने सपा नेता मुलायम सिंह की इस आशंका को निर्मूल बताया कि लोकपाल कानून लागू होने के बाद अधिकारी निर्णय लेने से डरेंगे। उन्होंने कहा अब अधिकारी संभलकर निर्णय करेंगे। पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने कहा कि लोकपाल विधेयक ने सारी बाधाएं पार कर ली हैं, लेकिन अब देखना यह है कि इस पर अमल किस तरह होता है।

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