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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लौटाए गए 12 हजार बाबा भक्त, लाठीचार्ज में तीन घायल

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Published: Fri, 28 Jun 2013 10:04 AM (IST)Updated: Sat, 29 Jun 2013 01:27 AM (IST)

बिना पंजीकरण व स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के पवित्र गुफा जाने का प्रयास कर रहे अमरनाथ श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने के लिए ...और पढ़ें

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श्रीनगर, जागरण ब्यूरो। बिना पंजीकरण व स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के पवित्र गुफा जाने का प्रयास कर रहे अमरनाथ श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार को पहलगाम में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसमें एक महिला समेत तीन श्रद्धालु जख्मी हो गए। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा व अन्य प्रबंधों का हवाला देकर बालटाल और पहलगाम से करीब 12 हजार श्रद्धालुओं को लौटा दिया। इस बीच शंखधुन व घडि़यालों की गूंज और बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र हिमलिंग के दर्शन किए। जबकि मौसम की खराबी की वजह से राज्यपाल एनएन वोहरा और श्राइन बोर्ड के सीईओ नवीन कुमार चौधरी प्रथम पूजा में शामिल नहीं हो सके।

समुद्रतल से करीब 3588 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बाबा बर्फानी की वार्षिक तीर्थयात्रा शुक्रवार को शुरू हुई। पिछले साल यात्रा मार्ग पर सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौत और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इस बार जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सिर्फ पंजीकृत यात्रियों को उनके क्रमानुसार ही पवित्र गुफा की तरफ जाने की अनुमति देने का फैसला किया है। इस बारे में विभिन्न प्रचार माध्यमों से भी लोगों को सूचित किया गया है। प्रशासन द्वारा यात्रा के लिए तयशुदा नियमों की अनदेखी के बावजूद हजारों श्रद्धालु गुरुवार रात को ही बालटाल और पहलगाम पहुंच गए थे। शुक्रवार सुबह जब पहलगाम से श्रद्धालुओं का पहला जत्था पवित्र गुफा के लिए रवाना होने लगा तो इन लोगों ने भी उनके साथ जाना चाहा। वहां तैनात अधिकारियों ने जब उनसे संबंधित दस्तावेज मांगें तो न पंजीकरण पत्र मिला न ही स्वास्थ्य प्रमाणपत्र। कई श्रद्धालु ऐसे भी थे, जिनका पंजीकरण जुलाई और अगस्त माह का था। अधिकारियों ने गैरपंजीकृत श्रद्धालुओं को रोक लिया। इस पर यात्रियों ने राज्य सरकार और श्राइन बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ लोगों ने हुड़दंग मचाने का भी प्रयास किया। इस पर पुलिसकर्मियों ने व्यवस्था बहाल करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, जिसमें तीन लोग जख्मी हो गए।

डीआइजी पुलिस सैयद अफादुल मुजता ने कहा कि गैर पंजीकृत और बिना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के श्रद्धालुओं को ही लौटाया गया है। मालूम हो कि 55 दिन तक चलने वाली यात्रा 21 अगस्त को रक्षाबंधन वाले दिन संपन्न होगी। बीते एक दशक में यह पहला अवसर है जब राज्यपाल प्रथम पूजा से वंचित रहे हैं। उनकी जगह प्रथम पूजा में पुजारी, सुरक्षाबलों व श्राइन बोर्ड के अधिकारी और कुछ श्रद्धालु शामिल हुए।

पांच फुट के रह गए बाबा बर्फानी

पवित्र गुफा के दर्शन कर लौटे कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि बाबा बर्फानी की ऊंचाई करीब पांच फुट ही रह गई है। वहीं आस्था का मामला बताकर किसी भी अधिकारी ने इस बारे में कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।

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