विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोदी के 400 करोड़ के विज्ञापन खर्च पर आशुतोष ने उठाए सवाल

By Edited By:
Published: Thu, 20 Feb 2014 01:56 PM (IST)Updated: Thu, 20 Feb 2014 02:21 PM (IST)

टीवी पत्रकार से आम आदमी पार्टी के नेता बने आशुतोष ने नरेंद्र मोदी के विज्ञापनों पर कथित रूप से 400 ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली। टीवी पत्रकार से आम आदमी पार्टी के नेता बने आशुतोष ने नरेंद्र मोदी के विज्ञापनों पर कथित रूप से 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की खबर पर भाजपा को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने भाजपा से पूछा है कि यह पैसा क्या आम आदमी का है, बड़े आदमी का है या काला धन है? उधर, भाजपा ने 400 करोड़ रुपये विज्ञापन पर खर्च करने की बात को बेबुनियाद बताते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया है।

दिल्ली के चांदनी चौक से 'आप' के प्रत्याशी आशुतोष ने लिखा कि अगर चुनाव में सिर्फ 400 करोड़ रुपये विज्ञापन पर खर्च होगा तो आम आदमी चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाएगा। आम आदमी की इतना पैसा खर्च करने की हैसियत नहीं होती।

एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक, बीजेपी मोदी के प्रचार पर 400 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। अखबार ने यह भी लिखा है कि मोदी की छवि चमकाने के इस अभियान की जिम्मेदारी ऐड दुनिया के मशहूर नामों प्रसून जोशी, पीयूष पांडे और मीडिया प्लैनर सैम बलसारा को दी जा सकती है।

पढ़ें: आप के निशाने पर नरेंद्र मोदी

पीयूष पांडे और प्रसून जोशी से अपीलआशुतोष ने पीयूष पांडे और पसून जोशी से मोदी की टीम का हिस्सा न बनने की अपील की । उन्होंने कहा कि ये लोग आम आदमी से जुड़े रहे हैं और भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उन्होंने दोनों से अपील की कि वे बीजेपी से सवाल करें कि ये पैसे कहां से आएं। वे इस बात का ध्यान रखें कि कहीं वे लोकतंत्र को हाइजैक करने की मुहिम का हिस्सा तो नहीं बन रहे हैं।

कांग्रेस-बीजेपी की प्रतिक्रिया

बीजेपी नेता रामेश्वर चौरसिया ने आशुतोष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मुझे खर्च की जानकारी नहीं है, लेकिन आशुतोष जी को यह मालूम नहीं है कि हमारे कार्यकर्ता दस-दस रुपए दें तो भी 400 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हो जाएंगे।

वहीं सूचना-प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा है कि हमें फर्क नहीं पड़ता कि मोदी अपने प्रचार पर 400 करोड़ खर्च करें या 4000 करोड़।