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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ब्राह्मोस के जनक एएस पिल्लई को लाल बहादुर शास्त्री पुरस्कार

By Anjani ChoudharyEdited By:
Published: Tue, 07 Oct 2014 10:21 PM (IST)Updated: Wed, 08 Oct 2014 10:56 AM (IST)

देश को ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल देने वाले वैज्ञानिक और विख्यात रक्षा वैज्ञानिक अपाथूकथा शिवथानू पिल्लई को प्रतिष्ठित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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नई दिल्ली। देश को ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल देने वाले वैज्ञानिक और विख्यात रक्षा वैज्ञानिक अपाथूकथा शिवथानू पिल्लई को प्रतिष्ठित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पिल्लई को पांच लाख रुपये का यह पुरस्कार राष्ट्रपति भवन सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया। पिल्लई को यह पुरस्कार एयरोस्पेस व मिसाइल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उनके योगदान के कारण दिया। राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि यह पुरस्कार हमारे स्पेस और रक्षा अनुसंधान वैज्ञानिकों के उत्कृष्ट कार्य को दर्शाता है।

पृथ्वी, नाग मिसाइल भी पिल्लई की देन

67 साल के पिल्लई ने देश के लिए अग्नि, आकाश, नाग जैसी मिसाइलों का भी विकास किया है। 2002 में उन्हें पद्मश्री और 2013 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया। वे डीआरडीओ में मुख्य नियंत्रक और ब्रह्मोस एयरोस्पेस [भारत और रूस का संयुक्त उपक्रम] में कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक के रूप में काम कर चुके हैं। वे डॉ. विक्रम साराभाई, प्रो. सतीश धवन, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे प्रख्यात वैज्ञानिकों के साथ अहम अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम का हिस्सा रह चुके हैं।

मंगलयान की सफलता पर बधाई

राष्ट्रपति मुखर्जी ने इसरो और सभी वैज्ञानिकों को पहले ही प्रयास में मंगल मिशन की सफलता के लिए बधाई दी। राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति में मुखर्जी ने कहा कि वे उनकी और सभी देशवासियों की तरफ से इतिहास बनाने के लिए अथक प्रयास करने वाले वैज्ञानिक व तकनीकी स्टाफ को धन्यवाद देते हैं।

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