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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोलगेट: गुम फाइलों का रहस्य गहराया

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Published: Sat, 24 Aug 2013 03:34 AM (GMT+05:30)Updated: Sat, 24 Aug 2013 05:30 AM (GMT+05:30)

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कोयला घोटाले से जुड़ीं गायब फाइलों पर विपक्ष के हमलों का जवाब तो कोयला मंत्री श्रीप्रकाश ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कोयला घोटाले से जुड़ीं गायब फाइलों पर विपक्ष के हमलों का जवाब तो कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने दिया, लेकिन उससे बचाव के बजाय सरकार की पोल अधिक खुली। राज्यसभा में जायसवाल ने माना कि कोयला ब्लाक आवंटन घोटाले की जांच से जुड़ी अधिकांश फाइलें और कागजात नहीं मिल पाए हैं लेकिन वह कुछ स्पष्ट नहीं कर सके।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी फाइल या दस्तावेज को इस समय गायब बताना सही नहीं होगा क्योंकि अंतर मंत्रालयी समिति इन दस्तावेजों को तलाशने में जुटी है। कोयला मंत्री के स्पष्टीकरण के बाद इस पर सदन में चर्चा होनी थी लेकिन तेदेपा सदस्यों के हंगामे के कारण इसकी कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। इस कारण सदन में मौजूद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी हस्तक्षेप का मौका नहीं मिल पाया।

जायसवाल ने बताया कि सीबीआइ ने 14 अगस्त को भेजे गए अपने पत्र में 43 फाइलें जांच के लिए मांगी हैं। अभी तक मंत्रालय सिर्फ 21 फाइलें ही उपलब्ध करा पाया है। उन्होंने बाकी फाइलें शीघ्र देने की बात कही है। इनमें सात फाइलें नहीं मिल रही हैं, जिन्हें खोजने का काम जारी है। इसी तरह सीबीआइ ने 19 आवेदन भी मंत्रालय से मांगे हैं। ये आवेदन उन कंपनियों के हैं, जिन्हें कोयला ब्लाक आवंटित किए गए हैं। इनमें सिर्फ तीन आवेदन ही अभी तक मिल पाए हैं। शेष 16 आवेदनों को खोजा जा रहा है।

इसी तरह से 2004 से पहले प्राप्त निजी कंपनियों के 157 आवेदन भी नहीं मिले हैं। इसके अलावा सीबीआइ की तरफ से मांगे गए 17 प्रपत्रों के बारे में जायसवाल ने बताया कि इनमें छह जांच एजेंसी को दिए जा चुके हैं, दो अगले कुछ दिनों में दे दिए जाएंगे जबकि नौ को खोजा जा रहा है। इसी तरह से उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सीबीआइ ने जिन नौ मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा था, उन्हें भी अभी तक जांच एजेंसी को मुहैया नहीं कराया गया है। इस बारे में सीबीआइ को सूचना भेज दी गई है।

जायसवाल के अनुसार सीबीआइ को इससे पहले कोयला ब्लाक घोटाले की जांच के संबंध में कुल 769 फाइलें, प्रपत्र या अन्य दस्तावेज दिए गए हैं। इनमें 479 फाइलें, 40 एजेंडा पेपर और 33 अन्य तरह के प्रपत्र शामिल हैं। इसके अलावा 26 सीडी भी दी गई हैं जिनमें कई अन्य तरह की जानकारियां हैं। जो प्रपत्र या फाइलें नहीं मिल रही हैं, उनकी खोज के लिए एक अंतरमंत्रालयी समिति का गठन किया गया है। इसमें ऊर्जा, उद्योग व स्टील मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह समिति गायब कागजों को खोजने का काम कर रही है।

सीबीआइ का कहना है कि जो प्रपत्र गायब हैं, वे जांच के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनसे यह साबित होगा कि मंत्रालय ने उन कंपनियों को भी कोयला ब्लाक आवंटित किए, जो इसके काबिल नहीं थीं। कोयला खनन या इससे जुड़े उद्योग से दूर-दूर का रिश्ता नहीं रखने वाली कंपनियों को न सिर्फ आवेदन करने दिया गया, बल्कि उन्हें कोयला ब्लाक दिए भी गए।

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