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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'केजरीवाल सरकार के 30 दिन के 30 झूठ'

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Published: Wed, 29 Jan 2014 07:56 AM (GMT+05:30)Updated: Wed, 29 Jan 2014 08:24 AM (GMT+05:30)

केजरीवाल सरकार के एक महीने पूरे होने पर मंगलवार को प्रदेश भाजपा ने 'केजरीवाल सरकार के 30 दिन के 30 ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। केजरीवाल सरकार के एक महीने पूरे होने पर मंगलवार को प्रदेश भाजपा ने 'केजरीवाल सरकार के 30 दिन के 30 झूठ' का मसौदा जारी किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में कितना अंतर है, यह बात उजागर करने के उद्देश्य से मसौदा जारी किया गया है।

हर्षवर्धन ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पहले कहा कि वे न तो किसी से समर्थन लेंगे और न देंगे। इसके बावजूद कांग्रेस से गुप्त समझौता कर सरकार बनाई। उन्होंने बच्चों की कसम भी खाई थी, जिसे उन्होंने तोड़ा। महिला सुरक्षा के लिए अब तक कमांडो दस्ते का गठन नहीं किया। रामलीला मैदान में विधानसभा की बैठक बुलाकर जन लोकपाल बिल पारित करने का चुनावी वायदा भी पूरा नहीं हुआ। सरकार ने वीआइपी कल्चर खत्म करने की बात कही, लेकिन मंत्रियों ने वीआइपी नंबरों वाली महंगी गाड़ियां लीं।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपने लिए आलीशान फ्लैट चुना था, जिसे भारी विरोध के बाद वापस कर दिया गया। कानून तोड़कर कानून मंत्री को बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने रेल भवन के सामने धरना दिया। वीआइपी गैलरी में बैठकर उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड का लुत्फ उठाया। पानी के मामले में भी धोखा किया गया। टैंकर माफिया पर लगाम लगाने का वादा भी झूठा साबित हुआ। बिजली के मामले में भी मुख्यमंत्री ने सफेद झूठ बोला। हर्षवर्धन ने कहा कि मुख्यमंत्री व उनके मंत्रियों के जनता दरबार की कलई एक ही दिन में खुल गई। महंगाई पर काबू पाने का दावा भी झूठा साबित हुआ।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की बात करते थे, लेकिन उनकी सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार का रेट और बढ़ गया है। शीला दीक्षित के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई करने की बात कह कर भी केजरीवाल पीछे हट गए। विधायक विनोद कुमार बिन्नी को आम आदमी पार्टी से निकाले जाने के मामले में भी केजरीवाल ने झूठ का सहारा लिया। रैन बसेरों के निर्माण, 15 हजार ऑटो के लाइसेंस जारी करने, अस्पतालों की दशा सुधारने सहित अन्य मामलों में झूठ बोलने का आरोप भी लगाया।

कानून मंत्री सोमनाथ भारती की बर्खास्तगी की मांग को लेकर भाजपा विधायक बुधवार दोपहर 1 बजे विधानसभा से राजनिवास स्थित उपराच्यपाल कार्यालय तक पैदल मार्च करेंगे। पूर्व में भाजपा विधायकों ने इसी मुद्दे पर विधायक दल के नेता डॉ. हर्षवर्धन के नेतृत्व में सोमवार को सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना भी दिया था। भाजपा का कहना है कि सोमनाथ की बर्खास्तगी तक आंदोलन जारी रहेगा।

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सूबे की अरविंद केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाया है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भ्रष्टाचार के मामलों में बचा रही है। गुप्ता ने मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि 31 अगस्त, 2013 को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के विशेष न्यायाधीश ने आदेश जारी कर पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित व उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। शीला सरकार ने तब निचली अदालत के इस आदेश पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार भी पिछली सरकार की कार्रवाई को ही आगे बढ़ा रही है। इतना ही नहीं, इस मामले के सह अभियुक्त उदय सहाय को आम आदमी पार्टी में उच्च पद पर बैठा दिया गया है। उन्होंने बताया कि बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मामले से संबंधित जरूरी दस्तावेज सौंपेगा और उनसे मांग करेगा कि भ्रष्टाचार के इस मामले में एफआइआर दर्ज कराई जाए। सनद रहे कि विजेंद्र गुप्ता ने जून, 2013 में पूर्व मुख्यमंत्री दीक्षित और अन्य के खिलाफ 22.6 करोड़ के जन धन के दुरुपयोग के मामले में एफआइआर दर्ज कराने के लिए आइपी एस्टेट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के विशेष न्यायाधीश ने मामले में एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिस पर बाद में हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी।

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