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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

असम में नहीं रुक रही राहत शिविरों में आमद

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Published: Sun, 02 Sep 2012 06:30 PM (IST)Updated: Sun, 02 Sep 2012 09:58 PM (IST)

गुवाहाटी। असम के हिंसाग्रस्त बोडो बहुल इलाकों में लोगों के राहत शिविरों में शरण लेने का सिलसिला जारी है। सरकारी ...और पढ़ें

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गुवाहाटी। असम के हिंसाग्रस्त बोडो बहुल इलाकों में लोगों के राहत शिविरों में शरण लेने का सिलसिला जारी है। सरकारी बयान में शांति बताए के बावजूद हाल के दिनों में कोकराझाड़ और चिरांग जिलों के राहत शिविरों में 1,540 लोग आए हैं। आने वालों में 1,390 बोडो आदिवासी हैं।

धुबड़ी, बारपेटा और बोंगईगांव जिलों के शिविरों में किसी नए व्यक्ति के आने की सूचना नहीं है। इन जिलों में लगे 218 शिविरों में ढाई लाख से ज्यादा लोग शरण लिए हुए हैं। असम में करीब डेढ़ महीने पहले शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा में अभी तक 96 लोग मारे जा चुके हैं और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। घर जलाए जाने और हमलों के डर से लाखों लोग अपना घर-बार छोड़ चुके हैं।

इस बीच मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने हिंसाग्रस्त जिलों में प्रशासन को स्कूल खोलने का निर्देश दिया है। हिंसा के कारण स्कूल बंद हैं और इससे पढ़ाई के हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यकता अनुसार बंदोबस्त करने के लिए कहा है। जिन स्थानों पर स्कूल खोलने की स्थिति नहीं है, वहां पर शिक्षण कार्य के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।

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