यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चेन्नई: बिजली, ऑक्सीजन सिलेंडर के अभाव में 14 मरीजों की मौत
सौ सालों की सबसे भयंकर बारिश से जूझ रहे चेन्नई से एक दुखद खबर है। महानगर के एक बड़े अस्पताल ...और पढ़ें

चेन्नई। सौ सालों की सबसे भयंकर बारिश से जूझ रहे चेन्नई से एक दुखद खबर है। महानगर के एक बड़े अस्पताल के आईसीयू में भर्ती 14 मरीजों की बिजली और ऑक्सीजन सिलेंडर के अभाव में मौत हो गई।
तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव जे. राधाकृष्णन ने बताया, बाढ़ के आने से पहले MIOT अस्पताल में 576 मरीजों का इलाज चल रहा था जिसमें गंभीर रूप से बीमार 75 मरीज वेंटीलेटर पर थे। ।
उनके मुताबिक, हालात बिगड़ने से पहले ही 200 मरीजों को छुट्टी दे दी गई थी, वहीं 300 को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया था।
पिछले कुछ दिनों से चेन्नई में हो रही लगातार बारिश के बाद अब वहां हालात सुधरने लगे हैं लेकिन अगले 48 घंटे इस राज्य के लिए बेहदम महत्वपूर्ण हैं क्योंकि मौसम विभाग ने इन 48 घंटों में भारी बारिश अनुमान जताया है। इस बीच अमेरिका ने चेन्नई बाढ़ में मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।
दो दिन से बारिश से मिल रही राहत की वजह से नदियों का जलस्तर कम हुआ है वहीं सेना और राहत-बचाव दल ने भी लोगों तक मदद पहुंचाई है। सेना और एनडीआरएफ ने अब तक 9000 लोगों को बचाया है। पीएम मोदी ने गुरुवार को चेन्नई का हवाई दौरा किया और इसके साथ राज्य को 1000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद का ऐलान किया। केंद्र इससे पहले 940 करोड़ रुपये की मदद दे चुका है।
100 साल के बाद भयंकर बाढ़ से जूझ रहे चेन्नई और उसके निकटवर्ती बाढ़ग्रस्त कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिलों के हवाई सर्वेक्षण के बाद गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरा देश तमिलनाडु के साथ खड़ा है।
