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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 21, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गांव वाले 41 मिनट में करेंगे फिल्म डाउनलोड, पंचायतों में लगेगा वाईफाई!

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Published: Mon, 21 Oct 2013 09:19 AM (IST)Updated: Mon, 30 Mar 2015 06:40 PM (IST)

केंद्र सरकार देश के 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में हाई-स्पीड वायरलेस इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इन्हें वाईफाई हॉटस्पॉट ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश के 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में हाई-स्पीड वायरलेस इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इन्हें वाईफाई हॉटस्पॉट से लैस करने की तैयारी कर रही है। मौजूदा ऑप्टीकल फाइबर नेटवर्क परियोजना का दायरा बढ़ाकर ग्राम पंचायतों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। परियोजना के तहत सरकार इस नेटवर्क पर दो मेगाबाइट प्रति सेकेंड की स्पीड वाली ब्रॉडबैंड सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। इस रफ्तार पर एक भारतीय फिल्म करीब 41 मिनट में डाउनलोड की जा सकेगी।

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दूरसंचार विभाग (डॉट) द्वारा तैयार किए जा रहे प्रस्ताव के मुताबिक पंचायतों को वाईफाई से लैस करने पर 5,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। फिलहाल, नेशनल ऑप्टीकल फाइबर नेटवर्क परियोजना (एनओएफएन) की लागत 20 हजार करोड़ रुपये है। एक अधिकारी ने कहा कि डॉट करीब 2.5 लाख पंचायतों में कम कीमतों पर ब्रॉडबैंड सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एनओएफएन का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रहा है। रुपये की कीमत में आई गिरावट के कारण परियोजना की लागत और बढ़ सकती है। यह प्रस्ताव पहले दूरसंचार आयोग की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, उसके बाद इस पर कैबिनेट की मंजूरी ली जाएगी।

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एनओएफएन परियोजना के तहत सरकार इस नेटवर्क पर दो मेगाबाइट प्रति सेकेंड की स्पीड वाली ब्रॉडबैंड सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। इस रफ्तार पर एक भारतीय फिल्म करीब 41 मिनट में डाउनलोड की जा सकेगी।

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अधिकारी ने कहा कि वाईफाई डिवाइस कम कीमतों पर उपलब्ध हैं, इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी उपलब्धता की समस्या भी नहीं होगी। सरकार ने अक्टूबर 2011 में एनओएफएन के तहत 20,000 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की थी। उम्मीद की जा रही थी कि वर्ष 2012 के अंत तक इस नेटवर्क का संचालन शुरू हो जाएगा लेकिन अब यह काम वर्ष 2014-15 में ही पूरा होने की उम्मीद है।