Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    संस्कारशाला : लिंक्स से आफत

    मम्मी जब भी घर लौटती हैं तो नेहा को गले लगाकर उसका माथा चूमती हैं, नेहा अपनी मम्मी को पानी देती है।

    By Rahul SharmaEdited By: Updated: Wed, 14 Sep 2016 10:20 AM (IST)

    नेहा ने मम्मी को इतना परेशान कभी नहीं देखा था। मम्मी ऑफिस से आईं और अपना पर्स एक तरफ डाल कर निराश और डरी हुई सी बैठ गईं। आज उन्होंने घर आकर नेहा से पानी भी नहीं मांगा। मम्मी जब भी घर लौटती हैं तो नेहा को गले लगाकर उसका माथा चूमती हैं, नेहा अपनी मम्मी को पानी देती है। इसके बाद वे लोग दिन भर की अपनी बातें करती हैं। मम्मी ऑफिस की टेंशन में कभी भी नेहा पर गुस्सा नहीं निकालतीं, तभी नेहा को मम्मी से बहुत प्यार है। पापा तो ऑफिस का काम भी घर में ले आते हैं, मगर मम्मी नहीं। मम्मी उसके लिए बहुत ही स्वादिष्ट खाना बनाती हैं, उसके लिए यम्मी स्नैक्स बनाती हैं। मगर आज वे इतना डर कर क्यों आई हैं?

    नेहा की हिम्मत नहीं हो रही थी कि वह मम्मी से पूछ ले। वह रोज मम्मी का फोन लेकर बैठ जाती थी। मम्मी के फोन में फेसबुक और व्हाट्सऐप पर आने वाले वीडियो और फोटो देखा करती थी। मम्मी और पापा उसे मना नहीं करते थे। कक्षा छ: में पढ़ने वाली नेहा बहुत होशियार थी। वह हमेशा फस्र्ट या सेकंड ही आई थी। इसलिए अपनी टीचर की भी प्रिय छात्राओं में से एक थी। वह हर विषय में सबसे अच्छे अंक लाती थी, डिबेट में भी हिस्सा लेती थी और हर महान व्यक्तित्व के बारे में उसे पता था। ऐसी नेहा सबकी लाडली थी और खासतौर पर प्रिंसिपल मैडम भी नेहा को बहुत प्यार करती थीं। नेहा घर पर भी अपनी मम्मी पापा की जान थी। जैसे ही मम्मी-पापा घर आते, नेहा अपनी मम्मी और पापा के लिए पानी लाती थी और अब तो वह कभी-कभी मम्मी के लिए सैंडविच भी बना लेती थी। मम्मी के लैपटॉप पर उसे नई-नई बातें पता चलती थीं। यह मम्मी का ऑफिशियल लैपटॉप था, जिस पर वह अपने होमवर्क के लिए लिंक देखती थी। मम्मी उसे मना करती थीं कि होमवर्क के अलावा कुछ और नहीं देखना, कोई और लिंक नहीं खोलना। मगर जैसे-जैसे वह बड़ी हो रही थी, उसे नए-नए गाने सुनने और बड़े-बड़े कलाकारों की फिल्में व किस्से पढ़ने में मजा आने लगा था। स्कूल में उसकी कई सहेलियां इंटरनेट के बारे में तमाम बातें उसे बताती थीं। उसकी सहेली रीमा ने उसे इंटरनेट के तमाम लिंक्स और उनमें क्या-क्या है, बताया था। वैसे तो नेहा समझदार थी, मगर न जाने क्यों वह रीमा के दिखाए सब्जबाग में फंस जाती थी। रीमा के कारण वह ऑनलाइन शॉपिंग, फिल्मी गानों, फैशन साइट पर भी जाने लगी थी और उन लिंक्स के साथ भी छेड़छाड़ करने लगी थी, जिन्हें शायद उसे नहीं करना चाहिए था।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    एक दिन स्कूल में ही कंप्यूटर के पीरियड में रीमा और नेहा के कंप्यूटर पर कई ऐसे लिंक्स की हिस्ट्री मिली, जिन्हें सर्च करने की इजाजत स्कूल में नहीं थी। रीमा की छवि स्कूल में अच्छी नहीं थी। नेहा और रीमादोनों ही की शिकायत स्कूल में प्रिंसिपल मैडम से की गयी। हालांकि, कंप्यूटर टीचर बहुत गुस्सा थीं और वे उसके माता-पिता को बुलाकर शिकायत करना चाहती थीं, मगर नेहा के अच्छे एकेडमिक रिकॉड्र्स के कारण उसे केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

    प्रिंसिपल मैडम ने उसे समझाते हुए कहा था, ‘नेहा, तुम अपना ध्यान पढ़ाई में लगाओ। इस समय तुम्हारा पढ़ना बहुत जरूरी है। इंटरनेट पर किया गया कोई भी खेल तुम्हारे लिए और दूसरों के लिए खतरनाक हो सकता है। क्या तुम जानती हो कि इससे एक दिन तुम और तुम्हारे घरवाले किसी मुसीबत में पड़ सकते हैं?’ उस दिन तो उसने प्रिंसिपल मैडम की बात सुन ली, मगर अगले दिन फिर से वह मम्मी के लैपटॉप पर प्रोजेक्ट पूरा करते-करते कई और वेबसाइट पर चली गयी और कई लिंक्स शेयर कर दिए। हालांकि, उसे नहीं पता था कि वे कैसे लिंक्स थे?

    नेहा ने परेशान मम्मी को पानी देते हुए पूछा, ‘मम्मी क्या हुआ है? आप इतनी परेशान क्यों हैं?’ ‘नेहा, क्या तुमने कल मेरे लैपटॉप से कुछ लिंक शेयर किए थे?’
    मम्मी ने पूछा, ‘नहीं मम्मी, वो शायद गलती से हो गए होंगे!’ नेहा ने झूठ बोला, जबकि उसने जान-बूझकर ही सारी साइट खोली थीं। उसने मन की मन प्रार्थना की, ‘हे
    भगवान, अब झूठ नहीं बोलूंगी। इस बार मम्मी को बचा लो।’ मगर फिर उसके मन ने कहा, ‘नहीं नेहा, झूठ नहीं, तुम सच कह दो।’ ‘मम्मी, दरअसल मैंने रीमा के कहने
    पर कुछ वेबसाइट के लिंक शेयर किए थे, मगर मुझे नहीं पता था कि ये आपके लिए मुसीबत बन जाएंगे। मुझे माफ कर दीजिए। अब ऐसा नहीं होगा!’ रीमा ने डरतेडरते
    रोते हुए कहा। ‘ओह, नेहा रोओ मत। तुम्हें पता है, मेरे जीमेल एकाउंट से गूगल की सभी सर्च कनेक्ट होती हैं और मैं जो भी शेयर करती हूं, वह सबको पता चल जाता है। आज ऑफिस में उन साइट्स और लिंक्स के कारण मेरा न केवल मजाक बना, बल्कि मेरे बॉस ने मुझ से लैपटॉप वापस तक लेने की धमकी दे दी।’ मम्मी ने नेहा से कहा। ‘अरे मम्मी, ऐसा क्या था उन लिंक्स में?’ नेहा भी डर गयी। मम्मी ने शांत रहते हुए उसे समझाया, ‘बेटा, कई लिंक्स ऐसे होते हैं, जिन पर क्लिक करने से हैकिंग वाली या कभी-कभी गंदी वेबसाइट खुल जाती हैं, जो आपके कंप्यूटर के सारे जरूरी डेटा को गायब कर देती हैं या चुरा लेती हैं। और जब किसी को पता चलता है कि हम इन साइट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो वे लोग हमें या तो गंदा समझते हैं या उन्हें लगता है कि हम जानबूझ कर ऐसा कर रहे हैं। और हम तो गंदे हैं नहीं...क्यों..? फिर हम गंदे साबित क्यों हों?’ नेहा को अब पता चल रहा था कि उसने क्या गलती कर दी थी। उसने मन ही मन ऐसी गलती न करने का फैसला लिया और मम्मी को पानी देते हुए कहा, ‘मम्मी, आप चिंता मत करिए। अब मैं और जिम्मेदारी के साथ आपका लैपटॉप इस्तेमाल करूंगी और जो गलती हुई उसे दोबारा नहीं करूंगी।’ मम्मी ने उसे गले लगा लिया, ‘मेरी प्यारी बेटी, अब चलो पकौड़े बनाए जाएं?’
    नेहा ने रीमा का फोन नंबर अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट से हटा दिया। इंटरनेट जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करने वाली चीज है, यह बात अब उसकी समझ में आ गयी थी।
    गीताश्री

    अभ्यास प्रश्न

    नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिख कर संस्कारशाला की परीक्षा का अभ्यास करें...

    1. इंटरनेट पर हमारी जिम्मेदारी क्या है?

    2. इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए हमें किन बातों

    का ध्यान रखना चाहिए?

    3. नेहा किसके बहकावे में आ गई थी और उसने अपनी मम्मी से झूठ क्यों बोला?