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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

झारखंड में लगने लगे अवैध बूचड़खानों पर ताले

By Bhupendra SinghEdited By:
Published: Thu, 30 Mar 2017 05:29 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 30 Mar 2017 05:43 AM (GMT+05:30)

झारखंड में अवैध बूचड़खानों पर ताले लगने लगे हैं। राज्य में करीब 150 वधशालाओं पर ताले लगवाए गए।

झारखंड में लगने लगे अवैध बूचड़खानों पर ताले
झारखंड में लगने लगे अवैध बूचड़खानों पर ताले

जागरण न्यूज नेटवर्क, रांची। झारखंड में अवैध बूचड़खानों पर ताले लगने लगे हैं। बुधवार को प्रशासनिक टीम एक्शन में दिखी और राज्य में करीब 150 वधशालाओं पर ताले लगवाए गए। पश्चिम सिंहभूम जिले में सर्वाधिक 73 तो धनबाद जिले में 48 अवैध बूचड़खानों और मीट दुकानों को बंद कराया गया है।

 सरकार का आदेश आते ही पलामू में लगभग सभी अवैध बूचड़खाने बंद हो गए हैं। अन्य जिलों में भी कार्रवाई हुई है। हालांकि ज्यादातर जिलों में अभी अवैध बूचड़खानों को नोटिस देने का ही काम चल रहा है, लाउड स्पीकर से अनाउंस किया जा रहा है कि बूचड़खानों का रजिस्ट्रेशन करवाएं या उन्हें बंद करें। जो ऐसा नहीं करेंगे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चक्रधरपुर में 17 बूचड़खाने सील

 अब बड़ा सवाल यह है कि कैसे सरकार के उस आदेश का पालन हो पाएगा जिसमें जिला प्रशासन को कहा गया था कि 72 घंटे में सभी अवैध बूचड़खानों को बंद करवाएं। तय मियाद में अब सिर्फ 12 घंटे बचे हैं।

 दुमका के उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि सरकार ने अवैध बूचडख़ानों को बंद करने के लिए 72 घंटे का जो समय प्रशासन को दिया था, वह गुरुवार को पूरा हो जाएगा। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से अवैध वधशालाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जहां भी अवैध संचालन पाया गया वहां संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। कुछ यही हाल दूसरे जिलों का भी है।