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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 05, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बच्चों को अंडा ही नहीं फल भी दें

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Published: Sat, 05 Jul 2014 12:59 AM (IST)

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रांची : राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष रूपलक्ष्मी मुंडा ने सरकारी स्कूलों में मिड डे मील के तहत अंडे के साथ फल भी देने की वकालत की है। कहा कि इससे न केवल बच्चों का पोषण होगा, बल्कि वे स्कूल आने के लिए भी प्रेरित होंगे। वह शुक्रवार को हातमा स्थित राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय में विभिन्न संगठनों की पहल पर अंडा अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने स्कूल के बच्चों में चावल, दाल, चोखा के साथ एक-एक उबला अंडा बंटवाया।

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पौष्टिक भोजन मिलने का अधिकार

मौके पर एमडीएम के लिए सर्वोच्च न्यायालय के राज्य सलाहकार बलराम ने कहा कि अंडा अभियान भोजन का अधिकार अभियान से जुड़े संगठनों का सामूहिक प्रयास है। यह कानून बच्चों को रोज स्कूल या आगनबाड़ी के माध्यम से पौष्टिक भोजन मिलने का अधिकार देता है। अभियान से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि राज्य सरकार ने बच्चों को सप्ताह में दो से तीन दिन अंडा देने का निर्णय लिया है। अधिकतर स्कूलों में प्रतिदिन मध्याह्न भोजन ही नहीं मिलता है। मौके पर शिक्षा विभाग के बीईईओ हकीमुद्दीन अंसारी, रामाशीष पंडित, अर्थशास्त्री प्रो. रमेश शरण, विभिन्न संगठनों के सदस्य सहित स्कूल के प्रधानाध्यापक जयेश लाल व शिक्षक उपस्थित थे।

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