विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बजरंगबली की प्रतिमा कुएं में फेंकी, बवाल

By Edited By:
Published: Wed, 09 Apr 2014 01:46 AM (IST)

News Article Hero Image

इचाक : अवैध रूप से पत्थर खनन करनेवाले माफिया की मनमानी का मामला प्रकाश में आया। बेतहाशा लाभ की चाहत में माफिया ने आदमी तो आदमी भगवान को भी नहीं बख्शा। ताजा मामला प्रखंड के डुमरौन गांव के मूर्तियां टोला का है जहां पत्थर माफिया के एक दल ने गांव में स्थापित बजरंग बली की प्रतिमा को उखाड़ कर कुएं में फेंक दी। वहीं रामनवमी के दिन भगवान का अनादर देख कर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। सैकड़ों ग्रामीणों ने जमकर बवाल काटा है।

माफिया की अगुवानी करने वाले उसी टोला के भूटन गंझू के घर पर लोग टूट पड़े, जमकर पत्थरबाजी की । इतना ही नहीं पास में खड़े माफिया की तीन वाहनों में भी तोड़फोड़ की। इस घटना में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। जिनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।

घटना की सूचना मिलने पर आनन फानन में पहुंची इचाक पुलिस ने घंटों मशक्कत मामलों को शांत कराया। बाद में पुलिस व पंचायत प्रतिनिधियों के मदद से पंचायत हुई। जिसके तनाव कम हो गया है। पुलिस अभी भी गांव की निगरानी कर रही है।

क्या है घटनाक्रम ..

ग्रामीणों का कहना है कि वे गांव के एक टोंगरी पर वीर बाबा तथा सरस्वती मां की पूजा लंबे अर्से से करते आ रहे है। उक्त स्थल पर बजरंगबली की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना कर रहे थे। इसी बीच लक्ष्मण मेहता, भुटन गंझू, आनंद गंझू, कैलाश गंझू, शांति देवी आदि ने मंदिर में स्थापित बजरंगबली की प्रतिमा को उखाड़कर बगल के ही कुएं में फेंक दी। इससे नाराज सैकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडा से लैस होकर घरों से निकल पड़े और आरोपियों पर पथराव शुरू कर दिया। पत्थर बाजी में वहां खड़ी बोलेरो सं जेएच02एक्स 7114, बाइक सं जेएच02डब्ल्यू 8235 तथा एक ट्रैक्टर को क्षतिग्रस्त कर दिया।

अवैध उत्खनन का एक वर्ष पहले भी हुआ था विरोध

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के गैर मजरूआ जमीन में डुमरौन गांव के बलदेव मेहता, लक्ष्मण मेहता तथा भूटन गंझू अवैध रूप से पत्थर का खनन करते आ रहे हैं। इसका विरोध ग्रामीणों ने नवंबर 2013 में किया था। उस समय सैंकड़ों ग्रामीणों ने थाना के घेराव कर मामले में प्रशासन का हस्तक्षेप की गुहार लगाई थी। बाद में पहुंच और पैरवी के बल पर मामला आया गया हो गया। मामला का पटाक्षेप की जगह मामला बढ़ता गया।

क्या कहते है पदाधिकारी

इंस्पेक्टर कृष्णा कुमार महतो ने कहा कि धार्मिक भावना से छेड़छाड़ प्रतिमा को कुएं में डालना एक गंभीर मामला है। दोषी के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। फिलवक्त सभी आरोपी पुलिस गिरफ्तार से बाहर हैं।

घायल जिनका चल रहा इलाज

रोडे़ बाजी में नरेश भुइयां, बासुदेव भुइयां, मनोज भुइयां को गंभीर चोटें आयी है। वहीं दूसरे पक्ष के भुटन गंझू, आनंद गंझू, गोला गंझू, छटू गंझू, लक्ष्मण मेहता, जागो गंझू, शंकर गंझू, आशा देपी को भी चोटें आई हैं।