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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सूर्य नमस्कार में शामिल हुए बच्चे

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Published: Tue, 19 Feb 2013 01:01 AM (IST)Updated: Tue, 19 Feb 2013 01:05 AM (IST)

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गढ़वा : स्वामी विवेकानंद सा‌र्द्ध शती समारोह के अवसर पर सोमवार को बालिका मध्य विद्यालय के मैदान में आयोजित सूर्य नमस्कार में जिला मुख्यालय के विभिन्न विद्यालयों के पांच सौ बच्चों ने भाग लिया।

इस मौके पर गढ़वा नगर पंचायत उपाध्यक्ष अलखनाथ पांडेय ने कहा कि सूर्य नमस्कार तन से, मन से एवं वाणी से उपासना है। उन्होंने कहा कि इसके दो आधुनिक पहलू हैं। पहला सांघिक सूर्य नमस्कार, दूसरा संगीत के साथ सूर्य नमस्कार।

इन्होंने कहा कि सरल उपासना व सौम्य संतुलित व्यायाम सूर्य नमस्कार है। सूर्य नमस्कार के सात प्रकार होते है। अधिवक्ता वीणा पाठक ने कहा कि सूर्य नमस्कार करने से बच्चों में एकाग्रता व उर्जा बढ़ती है। इन्होंने कहा कि हम अध्यात्म से अपनी इंद्रियों पर काबू पा सकते हैं। इन्होंने कहा कि बच्चे समाज के कानून के साथ चलें। पश्चिमी सभ्यता का त्याग कर बच्चे शाकाहार की ओर बढ़ रहे हैं। इन्होंने कहा कि सनातन व पुरानी पद्धति में ही हमारी खुशी समाहित है। ब्रहृमांड सूर्य से ही चलता है।

इस मौके पर नंदकुमार पांडेय, मनोज कुमार वर्मा, सुनील केशरी, कल्पना द्विवेदी, पुष्परंजन, शिक्षक रेयाज अहमद, विनय चौबे, अजीत कुमार आदि उपस्थित थे।

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