यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नहीं हैं बेलदार, कैसे बहाल होगी बिजली सरकार
शिमला में बिजली आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने स्वीकार किया कि उनके पास मजदूर नहीं हैं।

शिमला : मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अल्टीमेटम के बावजूद बिजली बोर्ड प्रबंधन शिमला शहर में बिजली की आपूर्ति बहाल करने में नाकाम रहा है। आलम यह है कि जिम्मेदार अधिकारी मोबाइल फोन बंद कर गायब हो गए और बिजली बहाल करने का काम कश्मीरी मजदूरों के हवाले छोड़ दिया है। शहर में केवल 175 मजदूरों की सेवाएं ली गई हैं। ऐसे में शहरवासियों को अभी कई दिन तक बिना बिजली के समय काटना पड़ सकता है। इसके अलावा पानी की सप्लाई भी ठप पड़ी है।
विद्युत आपूर्ति पर ही समूचा सिस्टम निर्भर है। संचार सुविधाएं भी पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई हैं। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने स्वीकार किया कि उनके पास मजदूर नहीं हैं। इस वजह से बोर्ड विद्युत आपूर्ति बहाल करने में असफल रहा है। अब हालात गंभीर होते देख बोर्ड प्रबंधन ने चंडीगढ़, सोलन, नालागढ़ व अर्की से मजदूर मंगवाए हैं।
यहां से मंगवाए मजदूर
चंडीगढ़ से मजदूर लाने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि विद्युत आपूर्ति बहाल करने में तेजी लाई जाए। इसके अलावा नालागढ़ से 40 और अर्की से 20 मजदूर जतोग सब-डिविजन भेजे गए हैं। सोलन से 70 मजदूर चायल में बंद पड़ी व्यवस्था को चालू करने के लिए भेजे हैं। चायल क्षेत्र में भी बिजली बहाल नहीं हो पाई है।
मजदूरों को ठहराने का जिम्मा लिया
प्रशासन ने कश्मीरी मजदूरों की शर्त को मानते हुए उनके ठहरने, खाने-पीने की व्यवस्था स्वीकारते हुए जनजातीय भवन ढली में इंतजाम किए हैं। इसी तरह से शहर के दूसरे क्षेत्रों मेंं भी उनके रहने का इंतजाम किया गया है। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने कहा है कि काम करने के लिए आने वाले सभी मजदूरों के ठहरने और खाने की व्यवस्था होगी।
विभाग के कई अफसर गायब
टुटू सब डिविजन में एसडीओ धीमान हैं जो दो दिन से गायब थे। आला अधिकारियों को पता नहीं था कि धीमान कहां है। विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए प्रबंधन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे मौके पर मौजूद रहने के आदेश दिए थे। धीमान अकेले ऐसे अधिकारी नहीं हैं जो ड्यूटी से गायब थे। उनके जैसे दूसरे अधिकारी भी हैं, जो मोबाइल फोन बंद करके कहीं चले गए।
मैं स्वयं फील्ड में हूं। हमें काम करने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। इस कारण विद्युत आपूर्ति बहाल करने में परेशानी हो रही है। अधिकारी मौके पर काम कर रहे हैं। बर्फबारी के कारण नुकसान अधिक हुआ है, जिसे दुरुस्त करने में समय लगेगा।
-पीसी नेगी, प्रबंध निदेशक, बिजली बोर्ड।
बिना सूचना के गायब अफसरों पर कार्रवाई करे बोर्ड
बिना सूचना के गायब हुए अधिकारियों के खिलाफ बिजली बोर्ड को कार्रवाई अमल में लानी चाहिए। ऐसी परिस्थितियों में अधिकारियों को जिम्मेदारी निभानी चाहिए थी। विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए बोर्ड के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिए गए हैं। उम्मीद है कि शहर में लोगों के घरों में बिजली आ जानी चाहिए।
- वीसी फारका, मुख्य सचिव।
