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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्वच्छता में इस बार 20 पायदान लुढ़का पहाड़ों की रानी शिमला

By Preeti jhaEdited By:
Published: Fri, 05 May 2017 12:03 PM (IST)Updated: Fri, 05 May 2017 12:17 PM (IST)

नगर निगम स्वच्छता मिशन के तहत देशभर में टॉप 10 में आने का दावा कर रहा था।

स्वच्छता में इस बार 20 पायदान लुढ़का पहाड़ों की रानी शिमला
स्वच्छता में इस बार 20 पायदान लुढ़का पहाड़ों की रानी शिमला

 जागरण संवाददाता, शिमला। देश के 434 शहरों व नगरों में करवाए गए स्वच्छता सर्वेक्षण में शिमला को 47वां स्थान मिला है। गत वर्ष शिमला 27वें पायदान पर था, ऐसे में पहाड़ों की रानी सीधे 20 पायदान नीचे खिसक गई है। शिमला के लिए खुशखबरी यह है कि उत्तर भारत के 144 शहरों में इसने चौथा स्थान हासिल किया है। दो लाख से 10 लाख की जनसंख्या वाले शहरों में शिमला को पहला स्थान स्वच्छता में मिला है।

नगर निगम ने स्वच्छ सिटी के लिए खुद को 633 अंक दिए जबकि केंद्रीय शहरी टीम ने 359 अंक दिए थे। हालांकि निगम प्रशासन का तर्क है कि इस बार मूल्याकंन करने के मानकों में फेरबदल था। इस वजह से शिमला के पायदान में फेरबदल हुआ है। देशभर में करवाए गए सर्वे में शामिल 83 प्रतिशत से अधिक लोगों ने माना था कि स्वच्छ भारत अभियान चलाए जाने के बाद से उनका क्षेत्र पिछले वर्ष की तुलना में अधिक स्वच्छ हुआ है। सर्वे में कहा गया है कि 404 शहरों और कस्बों के 75 प्रतिशत आवासीय क्षेत्र में अधिक स्वच्छता देखी गई। इसके साथ 185 शहरों में रेलवे स्टेशन के आसपास का पूरा इलाका स्वच्छ बताया गया है।

क्या रहा कारण : शिमला में कूड़ा संयत्र शुरू न होना स्वच्छता में पिछड़ने का मुख्य कारण माना जा रहा है। पिछले वर्ष भी कूड़ा संयंत्र शुरू नहीं हो पाया था। ऐसे में कूड़े का निस्तारण सही ढंग से न हो पाना भी वजह रहा। पिछले वर्ष भी स्वच्छ भारत मिशन की रेस में पिछड़ने का कारण पीलिया रहा था। यहां आई टीम ने पीलिया के मामलों को आधार बनाते हुए शहर में सीवरेज व पानी की व्यवस्था सही न होने का तर्क दिया।इस बार रैकिंग के मानकों में फेरबदल किया गया था। शिमला सिटी ने उत्तर भारत के 144 शहरों में चौथा स्थान हासिल किया है।

 

पहले था 27वां रैंक

नगर निगम स्वच्छता मिशन के तहत देशभर में टॉप 10 में आने का दावा कर रहा था। शिमला को सिर्फ 27वां स्थान मिला था। ऐसे में निगम के अधिकारियों की फिर किरकिरी हुई है। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के सपने देखने वाला नगर निगम केंद्र की स्वच्छ भारत मिशन की रेस में भी पीछे रह गया है। केंद्र सरकार की ओर से जनवरी में स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश के सभी शहरों का सर्वेक्षण किया गया था। इसमें केंद्रीय टीम ने शहर में भी स्वच्छता का जायजा लिया था। इस सर्वेक्षण में विभिन्न मानकों को शामिल किया गया था। इसमें शहर में सीवरेज, शौचालय और स्वच्छ पानी पर आधारित सर्वेक्षण किया गया था। इसी आधार पर रैंकिंग की गई है।

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