यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भेड़-बकरियों का होगा कृमिनाशक स्नान
संवाद सहयोगी, भरमौर : हिमाचल व पंजाब के निचले क्षेत्रों में गर्मी बढ़ने के कारण भेड़ व बकरी पालकों ने

संवाद सहयोगी, भरमौर : हिमाचल व पंजाब के निचले क्षेत्रों में गर्मी बढ़ने के कारण भेड़ व बकरी पालकों ने पहाड़ी क्षेत्रों का रूख कर लिया है। शीतकाल के दौरान अपेक्षाकृत गर्म पंजाब व हिमाचल के इन निचले क्षेत्रों में भेड़ बकरियों को कई बार खुरमुंह व अन्य बीमारियां लग जाती हैं। इनमें से कई बीमारियां संचरणीय होती हैं, जोकि अन्य भागों में जाकर स्वस्थ पालतू जानवरों को भी बीमारी की चपेट में ले लेती हैं। इसके मद्देनजर क्षेत्र के जानवरों को बीमारी से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने कदम उठा लिया है। विभाग ने भरमौर, लिल्ह व बेल्ज की ओर पलायन करने वाले भेड़, बकरियों के रेवड़ का टीकाकरण करने के लिए बग्गा व भरमानी माता मंदिर परिसर के पास एक माह का पशु चिकित्सा शिविर लगाया है। पहली मई से शुरू हुआ शिविर 31 मई तक जारी रहेगा। इसमें अभी तक करीब एक हजार भेड़, बकरियों का टीकाकरण किया जा चुका है। इस दौरान पशुपालन विभाग की टीम भेड़ बकरियों का टीकाकरण व कृमि नाशक स्नान भी करवाएगी।
भेड़ विकास विभाग के सहायक निदेशक राजीव पठानिया ने कहा कि शिविर में भेड़, बकरियों के लिए नि:शुल्क दवाइयां दी जा रही हैं। उन्होंने भेड़ बकरी पालकों से अपील की है कि वे रेवड़ों का टीकाकरण जरूर करवाएं, ताकि उनका पशुधन बीमारियों से बचा रहे। शिविर में टीकाकरण की जिम्मेदारी संभाल रहे जयकृष्ण कपूर ने कहा कि विभाग की टीमों ने जनवरी माह में कांगड़ा जिला में जाकर ही भेड़ बकरियों का टीकाकरण कर दिया था। ऐसे में इस वर्ष भेड़ बकरियों को कोई भी बीमारी नहीं लगी है, लेकिन विभाग कोई जोखिम मोल नहीं लेना चाहता है। जो भी भेड़पालक भेड़ विकास विभाग से बीमारी से संबंधित कोई भी जानकारी व उपचार लेना चाहता है, वह विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकता है। शिविर में अब तक एक हजार से अधिक भेड़ बकरियों का टीकाकरण किया जा चुका है।