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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वीरभद्र बोले, धूमल गपौड़शंख और सारे एमएलए नारद मुनी

By JagranEdited By:
Published: Wed, 15 Mar 2017 01:00 AM (IST)

राज्य ब्यूरो, शिमला : विधानसभा में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल को गप

वीरभद्र बोले, धूमल गपौड़शंख और सारे एमएलए नारद मुनी
वीरभद्र बोले, धूमल गपौड़शंख और सारे एमएलए नारद मुनी

राज्य ब्यूरो, शिमला : विधानसभा में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल को गपौड़शंख की संज्ञा दी है। इतना ही नहीं भाजपा विधायकों की ओर इशारा करते हुए कहा, ये नारद मुनी हैं। सदन में यह स्थिति उस समय दिखाई दी, जब धूमल प्रदेश सरकार की ओर से कर्ज उठाकर पैसा खर्च करने की स्थिति पर एक कहानी सुना रहे थे।

उन्होंने कहानी में शंख का जिक्र किया और इस पर मुख्यमंत्री खडे़ हुए और विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप (धूमल) गपौड़शंख हैं और ये सारी नारद मंडली है। इस दौरान मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष दोनों खडे़ थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप (धूमल) इस कुर्सी पर होंगे यह गारंटी नहीं है। इस पर धूमल का कहना था कोई बात नहीं। इस बीच गरीब आदमी की कहानी कुछ आगे बढ़ी थी कि वीरभद्र सिंह ने कहा कि धूमल साहब हम आपके शुभ चिंतक हैं। मैं ही आपके काम आऊंगा। इस पर धूमल का कहना था कि आप जैसे शुभ चिंतक हों तो किसी और की जरूरत नहीं है। धूमल ने कहा कि अब गरीब द्वारा भगवान से मांगने की कहानी पूरी करने की कोई जरूरत नहीं रह गई है, क्योंकि इसका सार समझने वाले समझ गए हैं। उनका कहना था कि बजट भाषण में महज रिकॉर्ड बना है। मुख्यमंत्री को सलाह दी कि पिछले चार साल के बजट भाषणों को पढ़ना जरूर। आपसे हजारों घोषणाएं करवाई गई पर उन पर कुछ नहीं हुआ। बजट पर चर्चा शुरू करते हुए प्रेम कुमार धूमल ने सरकार को आंकड़ों का आईना दिखाकर खूब घेरा। हैरानी की बात यह थी कि सत्ता पक्ष की ओर से मुख्यमंत्री को छोड़ दें तो किसी भी मंत्री ने विपक्ष को जवाब देने की जरूरत नहीं समझी।