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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कूड़े-कचरे का निस्तारण ही नहीं, ऊर्जा भी पैदा की

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Published: Fri, 04 Nov 2016 08:01 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, शिमला : दक्षिण कोरिया में खाद्यान्न अवशेष सहित शत-प्रतिशत कूड़े-कचरे का निस्तारण न केव

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राज्य ब्यूरो, शिमला : दक्षिण कोरिया में खाद्यान्न अवशेष सहित शत-प्रतिशत कूड़े-कचरे का निस्तारण न केवल वैज्ञानिक ढंग से किया जा रहा है, बल्कि इससे ऊर्जा भी पैदा की जा रही है। द. कोरिया में लोग घरों से बचे अपशिष्ट पदार्थो के लिए पैसा देते नहीं, बल्कि लेते हैं। इन दाथरें के बेहतर प्रबंधन से वह पर्यावरण को साफ -सुथरा रखते हैं और ऊर्जा भी उत्पादित करते हैं। बहुत सारी स्मार्ट सिटी ऐसी हैं जहा पर अपशिष्ट पदार्थो से बिजली बनाई जा रही है। हिमाचल के दौरे पर आई व‌र्ल्ड बैंक टीम की सदस्य यूंजू एलिसन यी ने प्रदेश के उत्कृष्ट महाविद्यालय संजौली के विद्यार्थियों से यह सब साझा किया।

व‌र्ल्ड बैंक टीम के सदस्य शुक्रवार को उत्कृष्ट महाविद्यालय संजौली पहुंचे। महाविद्यालय में स्मार्ट सिटी के बारे में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। विश्व बैंक से आई प्रोजेक्ट मैनेजर दक्षिण कोरिया की यूंजू एलिसन यी ने विश्वभर में स्मार्ट सिटी में ईको फ्रैंडली प्रबंधन की नीतियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला के दौरान विद्याíथयों को डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। इसमें दिखाया कि द. कोरिया ने 2008 में ग्रीन ग्रोथ अवधारणा को अपनाया था और अब यह क्षेत्र विश्व नेता के रूप में उभरा है। फिल्म के माध्यम से दिखाया गया कि वहा खाद्यान्न अवशेष सहित शत-प्रतिशत कूड़े-कचरे का निस्तारण न केवल वैज्ञानिक ढंग से किया जा रहा है, परंतु इससे ऊर्जा भी पैदा की जा रही है। द. कोरिया ने शहरी परिवहन क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव लाया है। उन्होंने बताया कि हिमाचल में अपशिष्ट पदार्थो के बेहतर प्रबंधन से ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। इस अवसर पर प्रदेश वित्त सचिव श्रीकात बाल्दी, शिक्षा उप निदेशक बीएल ¨बटा, कोटशेरा एवं आरकेएमवी से आए स्टाफ सहित अनेक लोग मौजूद रहे।