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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीएम केस में व्यस्त, मंत्री चाह रहे कुर्सी : सत्ती

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Published: Sat, 01 Oct 2016 08:38 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, शिमला : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मु

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राज्य ब्यूरो, शिमला : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मुकदमों में व्यस्त हैं और मुख्यमंत्री पद की आस में मंत्रियों के दिल्ली दौरों ने प्रदेश के प्रशासनिक ढाचे को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिस तरह से सरकार व संगठन के बीच में विवाद चल रहा है वह भी प्रदेश के लिए मुसीबत बना हुआ है। इस अव्यवस्था से उपजे निराशा के वातावरण का सीधा असर प्रदेश के विकास पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि केंद्र द्वारा उम्मीद से अधिक आर्थिक सहायता का भी प्रदेश सरकार उचित उपयोग नहीं कर पाई। प्रदेश सरकार की लापरवाही से पहले शिमला में पीलिया फैला, जिसमें 35 लोगों की मृत्यु के साथ 33000 से अधिक लोग प्रभावित हुए। फिर डेंगू और अब स्क्रब टाइफस 25 से अधिक लोगों को शिकार बना चुका है।

मोदी सरकार ने प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों के लिए 600 करोड़ रुपये दिए हैं। पाच जिलों में ट्रामा केयर सेंटर स्वीकृत किए। इसके साथ वित्तीय वर्ष 2014-15 में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत 234 करोड़ रुपये व 2015-16 में 298.48 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। प्रदेश में 7552 आशा वर्कस लगाने के लिए केंद्र सरकार ने 15.24 करोड़ रुपये के साथ 2744 अनुबंध पर रखे जाने वाले कर्मियों के पदों की स्वीकृति दी है। जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश को 33 करोड़ रुपये और प्रदेश में गरीब लोगों को मुफ्त दवाइया उपलब्ध करवाने के लिए 61 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसी के साथ प्रदेश में आधारभूत संरचना खड़ी करने के लिए 60 करोड़ रुपये और गाड़िया व एंबुलेंस खरीदने के लिए 3.46 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उनका कहना है कि इतना कुछ देने के बाद भी प्रदेश काग्रेस सरकार इस धन का उचित उपयोग नहीं कर पाई।