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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तीन घंटे की बारिश में बस अड्डा पानी-पानी

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Published: Fri, 26 Aug 2016 01:01 AM (IST)

संजय भागड़ा, रामपुर बुशहर छह वर्ष पहले रामपुर में बनाए गए नए बस अड्डे की हालत दिन-प्रतिदिन खस्ता

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संजय भागड़ा, रामपुर बुशहर

छह वर्ष पहले रामपुर में बनाए गए नए बस अड्डे की हालत दिन-प्रतिदिन खस्ता होती जा रही है। दस करोड़ रुपये से बने बस अड्डे में बरसात के पानी की निकासी के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। बुधवार को तीन घटे हुई बारिश से पोल खुल गई है। बस अड्डे में एक फुट से भी ज्यादा पानी एकत्रित होने से वाहनों की आवाजाही भी बंद हो गई। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) व लोक निमार्ण विभाग ने कई घंटों तक बस अड्डे में एकत्रित पानी को निकालने के लिए कोई प्रयास नहीं किए, जब वार्ड दो की पार्षद ने वहां पर जाकर नारेबाजी की तो एचआरटीसी व लोक निर्माण विभाग हरकत में आया।

बुधवार शाम चार से रात आठ बजे तक हुई बारिश के कारण पानी एकत्रित होने लगा और बस अड्डा एक तालाब बनकर रह गया। बस अड्डे में खड़ी बसों के टायर भी आधे पानी में डूब गए और छोटे वाहन चालकों को भी दिक्कत हुई। इसके बाद विभाग एक-दूसरे पर कमियां निकालने लगे हैं। वीरवार को भी बस अड्डे में मलबा व पत्थरों के ढेर लगे रहे। दुकानदारों ने कहा कि यदि पानी थोड़ा और ज्यादा बढ़ता तो भवन के नीचे विश्राम गृह व गोदामों को भारी नुकसान हो सकता था। व्यापारियों ने मांग की है कि भविष्य के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

भाजपा के पूर्व प्रत्याशी प्रेम सिंह दरैक ने बताया कि सभी विभाग निष्क्रय हो चुके हैं। कोई भी विभाग जिम्मेदारी से कार्य नहीं कर रहा है। समय रहते सड़क के पास से मलबे को हटा दिया जाता तो बस अड्डे में पानी न भरता।

भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष अनु पौंड ने कहा कि मुख्यमंत्री के अपने गृह क्षेत्र में ही हाल खराब है। विकास कार्य ठप पड़े हैं और जो कार्य किए जा रहे हैं। उनकी समय पर जांच नहीं होती है। बस स्टैंड में पानी भरना भी यह ही एक वजह है।

मनोज अग्रवाल ने कहा कि बस अड्डा में एक फुट से ज्यादा पानी जमा होना गंभीर बात है। सरकार, प्रशासन और एचआरटीसी को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए थी।

भाजपा शहरी अध्यक्ष श्याम मेहता ने बताया कि प्रदेश सरकार विकास के दावे करती है लेकिन जो निर्माण कार्य पूरे किए जा रहे हैं, उनका बाद में रखरखाव नहीं किया जा रहा है। करोड़ों से बने बस अड्डे में जनता के पैसों का दुरुपयोग हुआ है, क्योंकि किसी ने भी पानी की निकासी के लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं।

एसडीएम को दे दी है सूचना

एचआरटीसी के आरएम जगरनाथ ने बताया कि नए बस अड्डे के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग के एक ठेकेदार ने डंगा लगाया है और सारा मलबा नीचे की तरफ फेंक दिया है। इस कारण बरसात में सारी मिट्टी व गाद बस अड्डे में आ गई है। एसडीएम, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग व एचआरटीसी कार्यालय शिमला को सूचना दे दी गई है।