यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कामना मौत मामले की मजिस्ट्रेटी जांच में फंसा पेंच
जागरण संवाददाता, मंडी : जिले के रिवालसर में आयोजित 10 दिवसीय कैंप के दौरान हुई एक कैडेट की मौत व आठ

जागरण संवाददाता, मंडी : जिले के रिवालसर में आयोजित 10 दिवसीय कैंप के दौरान हुई एक कैडेट की मौत व आठ अन्य के बीमार होने के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच में नया पेंच फंस गया है। एनसीसी की मंडी स्थित द्वितीय वाहिनी के अधिकारियों ने इस मामले में कोई भी बयान कलमबद्ध करवाने से मना कर दिया है। एनसीसी के अधिकारियों ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कर एसडीएम सदर डॉ. मदन कुमार को अवगत करवाया है कि एनसीसी व सेना मुख्यालय की अनुमति के बिना वे लोग कोई भी बयान नहीं दे सकते हैं। मंडी में तैनात एनसीसी के कई अधिकारियों का यहां से दूसरे स्थान पर तबादला हो गया है। इनमें वे अधिकारी भी शामिल हैं, जिनके पास रिवालसर कैंप के आयोजन का दायित्व था। कामना का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने भी विसरा की फॉरेंसिक रिपोर्ट आने तक मौत के सही कारणों के बारे में अपनी राय देने से मना कर दिया है। उपायुक्त संदीप कदम ने मामले की जांच 15 दिन में पूरी करने के निर्देश दिए थे। लेकिन एनसीसी के अधिकारियों के बयान कलमबद्ध न होने से जांच में अब विलंब हो सकता है।
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एनसीसी के अधिकारियों को बयान दर्ज करवाने के लिए तलब किया गया था। लेकिन सेना मुख्यालय की अनुमति के बिना उन्होंने कोई भी बयान दर्ज करवाने से मना कर दिया है।
- डॉ. मदन कुमार, एसडीएम सदर एवं जांच अधिकारी।
