यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सतलुज ब्यास उफान पर, हिमाचल में अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर बरसात ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बारिश से प्रदेश में करोड़ों का ...और पढ़ें

धर्मशाला (वेब डेस्क) : हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर बरसात ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। देर रात से लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के कई हिस्सों में काफी नुकसान हुआ है। हालांकि अभी तक कहीं से भी जानी नुकसान की कोई सूचना नहीं है। लेकिन बरसात से करोड़ों की संपति को नुकसान पहुंचा है। प्रदेश के मध्य क्षेत्र में बहने वाली ब्यास व सतलुज नदियां उफान पर आ गई है। इसको लेकर प्रशासन ने अलर्ट भी जारी कर दिया है। लोगों से नदी व नालों के नजदीक न जाने की बार-बार चेतावनी जारी की जा रही है।

ब्यास नदी में भी जलस्तर काफी बढ़ गया है। इसको देखते हुए पंडोह बांध से भी पानी की निकासी की जा रही है। ब्यास नदी में गाद का स्तर 3000 पीपीएम तक पहुंच गया है। इसके बाद यहां लारजी प्रोजेक्ट में बिजली का उत्पादन रोक दिया गया है।
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सतलुज नदी में भी जलस्तर काफी बढ़ गया है। चंबा में रावी नदी में भी जल स्तर में बढ़ोतरी हो रही है। जिला कुल्लू की तीर्थन घाटी में बरसात से काफी नुकसान होने की सूचना है। उधर, जिला चंबा में अधिकारिक यात्रा से पहले ही मणिमहेश यात्रा के लिए रवाना हो रहे जत्थों को प्रशासन ने रोकना शुरू कर दिया है। हड़सर से आगे श्रद्धालुओं को नहीं जाने दिया जा रहा है।

बरसात से जिला कांगड़ा में भी काफी नुकसान हुआ है। यहां पठानकोट-मंडी एनएच में सुबह ही 61 मील के पास पेड़ गिरने से करीब तीन घंटे तक यातायात बंद रहा। जिला कांगड़ा के ही जसूर में ही सड़क सहित कई स्थानों में पानी भर गया है। इससे यातायात भी प्रभावित हो रहा है।बरसात से प्रदेश में कई स्थानों में मकान, सड़के व अन्य संस्थानों को नुकसान पहुंचने की सूचनाएं भी आ रही है।
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हिमाचल प्रदेश्ा के विशेष सचिव आपदा प्रबंधन डीडी शर्मा ने बताया कि प्रदेश में 6, 7 व 8 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस संबंध में सभी को अलर्ट किया गया है।
