नींद न मुझको आए
मेरे साथ नींद की समस्या है। मुझे रात में बेहद मुश्किल से नींद आती है और जल्दी ही आंख खुल जाती है। जिसकी वजह से मैं तरोताजा नहीं महसूस कर पाती। कृपया सलाह दें कि ऐसा क्या करूं जिससे मेरी यह समस्या दूर हो जाए
गहरी नींद जरूरी है। ऐसा न होने पर स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। दिनभर थकावट, किसी भी कार्य में ध्यान केंद्रित करने में समस्या और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं हमें घेरती हैं और दिनचर्या प्रभावित होती है।
अनिद्रा की समस्या दो प्रकार की होती है। अगर आप नींद न आने की समस्या से लंबे समय से जूझ रही हैं तो आपको उसकी जड़ तक जाने के लिए किसी डॉक्टर से सलाह-मशविरा करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं है तो नींद न आने की मुश्किल को हल करने में कुछ उपाय मददगार हो सकते हैं।
- सायं चार बजे के बाद कैफीनयुक्त पदार्थों जैसे चाय-काफी इत्यादि के सेवन से बचने का प्रयास करें।
- दिन में सोने से बचने की कोशिश करनी होगी। अगर आपको दिन में सोने की आदत है और उसे छोडऩा मुश्किल लगता है तो तीन बजे से पहले ही अधिक से अधिक सिर्फ आधा घंटे की नींद लेना मुनासिब होगा।
- रोजाना व्यायाम करने से भी अच्छी नींद आती है।
- सोने के लिए बिस्तर पर जाने से दो घंटे पहले आपका डिनर हो जाना चाहिए। आप चाहें तो डिनर के बाद हर्बल टी या गर्म दूध ले सकती हैं।
- जब सोने के लिए बिस्तर पर जाएं तो मोबाइल या लैपटॉप जैसे गैजेट्स को दूर रख दें। टीवीऑफ कर दें और लाइट्स भी डिम कर दें। दरअसल टीवी देखने या मोबाइल और लैपटॉप पर कुछ भी पढऩे या गेम खेलने के दरम्यान मस्तिष्क सक्रिय रहता है। जाहिर है कि जब आप मस्तिष्क को सक्रिय रखेंगी तो नींद कैसे आएगी। इनके बजाय मेडीटेशन या प्राणायाम जैसे अनुलोम- विलोम करना अच्छी नींद के लिहाज से लाभदायक हैं।
-आपके बेडरूम में पूरी तरह शांति हो। शोर व रोशनी नींद में बाधा डाल सकती है।
- रात में सोने व सुबह उठने का एक नियमित शेड्यूल बनाएं। रोजाना एक ही समय पर सोने व सुबह जागने से आपका शरीर उस शेड्यूल का अभ्यस्त हो जाएगा। अच्छी नींद के लिहाज से बेस्ट समय है रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक ।
- आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां जैसे शंखपुष्पी, ब्राह्मी और भ्रंगराज लाभकारी हैं, पर इस्तेमाल विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार करना चाहिए।
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