यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्यों फड़कती हैं आपकी आंखें
क्या आपने कभी आंख फड़कने के असली कारणों के बारे में सोचने की कोशिश की है? क्या आपने ये सोचा है कि यह कोई बीमारी हो सकती है

आई ट्विचिंग यानी आंखों का फड़कना, यह कभी भी हो सकता है, लेकिन क्या आप जानते हैं इसके क्या कारण हैं, अगर नहीं तो आज हम आपको आंख फड़कने के वास्तविक कारणों से अवगत कराने जा रहे हैं।
कारण: क्या आपने कभी आंख फड़कने के असली कारणों के बारे में सोचने की कोशिश की है? क्या आपने ये सोचा है कि यह कोई बीमारी हो सकती है फिर यह कोई संदेश भी हो सकता है, जो शरीर देता है। पलक फड़कना एक आम लक्षण होता है। इसमें आंखों के आस-पास की मांसपेशियां संकुचित होती हैं जिससे उलझन और परेशानी तो काफी होती है, लेकिन कोई नुकसान नहीं होता। नेत्र विशेषज्ञ मानते हैं कि आंख फड़कने का संबंध थकान, नींद की कमी, कैफीन के अधिक इस्तेमाल, कम रोशनी में काम करने या देर तक कंप्यूटर पर काम करने आदि से हो सकता है।
तनाव और थकान: आंख फड़कना तनाव या थकान का संकेत हो सकता है। आंख में तनाव (आई स्ट्रेन) से भी फड़कन हो सकती है। तनाव के कारण को कम कर आंख की फड़कन को बंद किया जा सकता है।
कैसे बंद करें: आंख फड़कना बंद करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। ज्यादा नींद लें, जोर-जोर से पलकें झपकाना शुरू करें।
इसी तरह पलकों को 30 सेकेंड्स तक झपकाएं। आंखों का व्यायाम करें। यदि आंखों का फड़कना एक सप्ताह से अधिक वक्त तक रहे, तो नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें।
