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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अोलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने पहलवान सत्‍यव्रत से की सगाई

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Sun, 16 Oct 2016 04:24 PM (IST)Updated: Mon, 17 Oct 2016 09:02 AM (IST)

रियो आेलंपिक में भारत को पहला पदक दिलाने वाली साक्षी मलिक की रविवार को सगाई हो गई। उनकी सगाई पहलवान सत्‍यव्रत कादियान से हुई है।

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राेहतक, [वेब डेस्क]। रियो आेलंपिक में भारत को पहला पदक दिलाने वाली महिला पहलवान साक्षी मलिक की रविवार को सगाई हो गई। उनकी सगाई अपने साथ प्रैक्टिस करने वाले पहलवान सत्यव्रत कादियान से हुई है। बताया जाता है कि दाेनों के बीच प्रैक्टिस के दौरान प्यार हाे गया था। दोनों के परिवार उनकी शादी के लिए तैयार हो गए।

23 साल के सत्यव्रत राष्ट्रीय पहलवान हैं। दोनों जल्द ही शादी करेंगे। सत्यव्रत के पिता सत्यवान भी नामी पहलवान रहे हैंं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुके हैं। सत्यवान का रोहतक में अखाड़ा है। सत्यव्रत और साक्षी जल्द ही शादी के बंधन में बंधेंगे। साक्षी मलिक से उम्र में सत्यव्रत एक साल छोटे हैं।

सत्यव्रत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। इसके अलावा कुछ माह पहले हुए हरियाणा सरकार के एक करोड़ के दंगल में भी वह तीसरे स्थान पर रहे थे। साक्षी मलिक की ये कहानी सलमान खान की हिट फिल्म 'सुल्तान' से काफी मिलती जुलती है।

सगाई के मौके पर परिजनों के साथ साक्षी मलिक और सत्यव्रत कादियान।

दोनों की सगाई बेहद सादे समारोह में घर में ही रीति रिवाज से हुई। इस मौके पर दोनो परिवार के सदस्य मौजूद थे। सत्यव्रत कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को सिल्वर मेडल दिला चुके हैं। दोनों साथ में कुश्ती सीखते थे अौर इसी दौरान उनके बीच प्यार हो गया।

सत्यव्रत 97 किलो वेट कैटेगरी में कुश्ती करते हैं। सबसे खास बात है कि पहलवान सत्यवान ही सत्यव्रत और साक्षी दोनों के गुरु हैं। सत्यव्रत के पिता अपने समय के नामी पहलवान थे और उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

परिजनों के साथ साक्षी मलिक और सत्यव्रत कादियान।

सत्यव्रत की ये हैं उपलब्धियां

हाल ही गुड़गांव में ऑर्गेनाइज भारत केसरी दंगल में सत्यव्रत तीसरी पोजीशन पर रहे थे। इसके अलावा, सत्यव्रत भारत केसरी और चंबल केसरी जैसे खिताब भी अपने नाम कर चुके हैं। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर पदक जीत चुके हैं। सत्यव्रत को देश का उभरता पहलवान माना जाता है।

साक्षी के पिता बेटी और होनेवाले दामाद के साथ।

साक्षी के परिजन हैं बेहद खुश

साक्षी की सगाई से उनको माता-पिता और परिजन बेहद खुश हैं। उनके पिता का नाम सुखबीर मलिक हैं। माता का नाम सुदेश देवी हैं। पिता डीटीसी में कंडक्टर थे। साक्षी के ओलंपिक में जीतने में बाद उनक पिता को इंस्पेकटर बना दिया गया था। मां हरियाणा के बाल कल्याण विभाग में सुपरवाइजर थी। साझी के पदक जीतने के बाद उनकाे भी पदोन्नति देकर सीडीपीओ बना दिया था।