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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मजिस्ट्रेट के सामने बोली किशोरी- नहीं हुआ दुष्कर्म, मर्जी से गई थी प्रेमी के साथ

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Fri, 28 Jul 2017 01:19 PM (IST)Updated: Fri, 28 Jul 2017 01:21 PM (IST)

ददलाना गांव से लापता किशोरी मिल गई है। परिजनों ने उसके अपहरण की बात कही थी, जबकि उसका कहना है कि वह मर्जी से प्रेमी के साथ गई थी।

मजिस्ट्रेट के सामने बोली किशोरी- नहीं हुआ दुष्कर्म, मर्जी से गई थी प्रेमी के साथ
मजिस्ट्रेट के सामने बोली किशोरी- नहीं हुआ दुष्कर्म, मर्जी से गई थी प्रेमी के साथ

जेएनएन, थर्मल (पानीपत)। ददलाना गांव से आठवीं पास 15 वर्षीय किशोरी का अपहरण नहीं हुआ और न ही उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी अपनी मर्जी से एक युवक के साथ गई थी। किशोरी ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दे दिए, लेकिन सामान्य अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने से इन्कार कर दिया। किशोरी ने बाल कल्याण समिति के सामने माता-पिता के साथ घर जाने से मना कर दिया। उसे बाल अनाथालय भेज दिया गया है। उसके पिता ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी से पुलिस दबाव डाल कर बयान लिखवाए हैं। उसकी बेटी के साथ ज्यादती हुई है।

बता दें,  मंगलवार रात को ददलाना गांव से किशोरी लापता हो गई थी।  एक किशोरी संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। परिजनों ने बोहली चौकी पुलिस को शिकायत दी कि किशोरी का अपहरण हुआ है। उसके साथ ज्यादती हो सकती है। पुलिस ने किशोरी को सिठाना के एक डेरे से बरामद किया। बोहली चौकी प्रभारी रवींद्र कुमार ने बताया कि किशोरी ने बताया कि वह जुबेर नामक युवक के साथ अपनी मर्जी से गई थी। वह उसे अपनी सहेली के डेरे पर ले गई थी।

किशोरी के मजिस्ट्रेट के सामने बयान करा दिए गए हैं। उसने मेडिकल करवाने से मना कर दिया है। पुलिस ने कोई दबाव नहीं डाला है। पुलिस ने उसे बाल कल्याणा समिति की चेयरपर्सन सुमन सूद, सदस्य किरण मलिक और एडवोकेट अजित दहिया के सामने पेश किया। मौके पर माता-पिता भी बुलाए गए।

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