Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    स्क्रीन पर दिखेगी हरियाणा से शुरू महिलाओं की पीरियड चार्ट मुहिम, जानें क्या है यह अभियान

    By Kamlesh BhattEdited By:
    Updated: Mon, 12 Apr 2021 11:15 AM (IST)

    Womens Period chart हरियाणा में मासिक धर्म को छिपाने के बजाय महिलाएं अब मासिक धर्म पर खुलकर चर्चा करने लगी हैं। मुस्लिम बाहुल्य मेवात से शुरू हुई पीरियड चार्ट मुहिम पर फिल्म बनाई जा रही है। मेवात में इसकी शूटिंग शुरू हो चुकी है।

    Hero Image
    हरियाणा की पीरियड चार्ट मुहिम पर बनेगी फिल्म। सांकेतिक फोटो

    जेएनएन, चंडीगढ़। Womens Period chart: एक समय था जब हरियाणा की महिलाएं मासिक धर्म (माहवारी) को न केवल छिपाती थी, बल्कि माहवारी (Menstrual) के दिनों में वह अपने घर व आस पड़ोस से कटी रहती थी। ग्रामीण अंचल की महिलाओं के लिए माहवारी के वह चार दिन शारीरिक पीड़ा के साथ ही मानसिक यातना वाले भी होते थे।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    हरियाणा में अब महिलाएं न केवल इस विषय पर खुलकर बात करने लगी हैं बल्कि घरों में कैलेंडर (पीरियड चार्ट Period chart) लगाकर यह संदेश दे रही हैं कि मासिक धर्म महिलाओं के जीवन का एक हिस्सा है और इन दिनों में पुरुषों का दायित्व बनता है कि वह महिलाओं का सहयोग करें। इस बदलाव की शुरुआत हरियाणा के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र मेवात (नूंह) से हुई है।

    महिलाओं के इस क्रांतिकारी बदलाव पर 'पीरियड चार्ट' नामक एक लघु फिल्म बनने जा रही है। मेवात में इसकी शूटिंग शुरू हो चुकी है। फिल्म बनाने का ऐलान दीया और बाती, चाणक्य तथा जय-जय बजरंग बली फेम निर्देशक मोहम्द तौफीक ने किया है। इन महिलाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने की पहल करने वाले सेल्फी विद डाटर फाउंडेशन के निदेशक एवं पीरियड चार्ट अभियान के संस्थापक सुनील जागलान हैं।

    यह भी पढ़ें: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 9वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को इसी सत्र से मिलेगी मुफ्त शिक्षा

    जींद जिले की बीबीपुर ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच सुनील जागलान ने महिलाओं व लड़कियों को प्रेरित किया है कि वह अपने घर में पीरियड चार्ट बनाकर टांगें और उसमें दर्शाएं कि उनकी माहवारी के दिन कौन से हैं और अगली संभावित तारीखें क्या हैं। इसका फायदा यह हो रहा कि ऐसी लड़कियों व महिलाओं के प्रयास से बाप, बेटे, भाई और ससुर के बीच आपसी समझ बढ़ रही है।

    यह भी पढ़ें: कोटकपूरा गोलीकांड मामले में पंजाब सरकार को झटका, हाई कोर्ट ने खारिज की जांच रिपोर्ट, नई SIT बनाने के आदेश

    जागलान के अनुसार समाज में आज भी संयुक्त व एकल परिवारों में महिलाओं के मासिक धर्म को लेकर चर्चा नहीं की जाती। एक तरफ लोग चांद पर प्लाट खरीद रहे हैं, वहीं मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार होता है। इस मुहिम को फिरोजपुर झिरका की निशात रुन, नूंह की पूजा व अंजुम, दिल्ली की मुबशशिरा और गन्नौर की गुलशफा ने अपने घर से शुरू किया। अब यह सामाजिक आंदोलन बन चुका है।

    यह भी पढ़ें: कोरोना वैक्सीनेशन सिर्फ 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का ही क्यों, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में उठा सवाल

    फिल्म के निर्देशक मोहम्मद तौफीक ने बताया कि ओटीटी प्लेटफार्म पर 28 मई को अंतरराष्ट्रीय पीरियड दिवस के अवसर पर इस फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। बता दें कि सुनील जागलान पर पूर्व में बनी फिल्म सनराईज को बेस्ट डाक्यूमेंटरी का अवार्ड मिल चुका है। इटली की बारबरा क्यूपतिसी द्वारा बनाई गई वूमनिटी को भी फ्रांस फिल्म फेस्टिवल में अवार्ड दिया जा चुका है।