विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंचायत चुनाव : सभी दल लगाएंगे पूरा जोर, रणनीति को दिया अंतिम रूप

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Tue, 15 Sep 2015 03:11 PM (IST)Updated: Wed, 16 Sep 2015 10:50 AM (IST)

हरियाणा में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। मंगलवार से प्रथम चरण के चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो ...और पढ़ें

News Article Hero Image

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। मंगलवार से प्रथम चरण के चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो गए। इसके साथ ही सभी दलों ने इसके लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना श्ुारू कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी समेत अधिकतर दल यह चुनाव सिंबल पर नहीं लड़ रहे, लेकिन वे इसमें पूर जोर लगाएंगे। वे अपने समर्थक प्रत्याश्ाियों को जीत दिलाकर गांव की सरकार पर कब्जे के लिए पूरा जोर लगाएंगी।

प्रदेश में सत्तारूढ भाजपा भी इन चुनावों में पूरी गंभीरता से ले रही है। उसका जोर पार्टी की विचारधारा वाले उम्मीदवार जिताने पर अधिक रहेगा। वह इन्हीं जनप्रतिनिधियों के बूते पार्टी जिला एवं ब्लाक समितियों के चेयरमैन बनाकर गांवों की सरकार में भी अपनी पैठ बनाने की जुगत में है।

प्रदेश में कोई भी राजनीतिक दल पंचायत चुनाव सिंबल पर नहीं लड़ रहा। इनेलो विधायक दल के नेता अभय सिंह चौटाला बार-बार भाजपा व कांग्रेस को पार्टी सिंबल पर पंचायत चुनाव लडऩे की चुनौती दे रहे, लेकिन कोई भी दल इस पर अपनी प्रतिक्रया नहीं दे रहा। इनेलो ने भी तभी सिंबल पर चुनाव लड़ने का एलान किया है, जब भाजपा या कांग्रेस ऐसा करें।

सत्तारूढ़ दल भाजपा हो या फिर इनेलो, कांग्रेस, हजकां या आम आदमी पार्टी। सभी जान रहे कि विधानसभा व लोकसभा में पहुंचने का रास्ता पंचायतों से होकर गुजरता है। सबसे अधिक चुनौती भाजपा के लिए है। प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के 10 माह के बाद हो रहे पंचायत चुनाव उसके लिस कसौटी की तरह है।

चंडीगढ़ में सांसदों-विधायकों व पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल और प्रभारी डा. अनिल जैन ने इशारों ही इशारों में पार्टी को पंचायत चुनाव पर गंभीरता से नजर रखने के निर्देश दे दिए हैं। हाईकमान के इशारे पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने इस अोर गंभीरता से ध्यान दे रहे हैं।

इनेलो की अगर बात करें को अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा पंचायत चुनाव पर पूरी निगाह रखे हुए हैं। गुटों में बंटी कांग्रेस भी पंचायत चुनावों को बेहद गंभीरता से ले रही है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिह हुड्डा, प्रदेश अध्यक्ष डा. अशोक तंवर, कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी अपने-अपने क्षेत्र में पूरा नजर रख्ा रहे हैं। जींद में मंगलवार को अपनी सभ्ाा में डा. अशोक तंवर और किरण चौधरी ने पंचायत चुनाव पर ही ज्यादा जोर दिया।

आप भी ठोक रहा ताल

हरियाणा के पंचायत चुनाव से दूरी बनाए रखने के बावजूद आम आदमी पार्टी इसक अपनी उपस्थिति दर्ज करने का अवसर मान रही है । वह इस मौके को भुनाने के प्रयास में है। इसके मद्देनजर पार्टी बुधवार से राज्य में 'मेरा गांव-मेरा देश' अभियान शुरू करेगी। साफ छवि के उम्मीदवार चुनने के लिए शुरू किए जा रहे इस अभियान में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य नवीन जयहिंद ने यहां बताया कि राज्य में एक लाख पंफलेट बांटे जाएंगे, जो शपथपत्र की शक्ल में होंगे। उम्मीदवारों को यह शपथपत्र भरकर देने होंगे, तभी ग्रामीण उन्हें वोट देंगे। इस शपथपत्र के जरिए उम्मीदवार को जनहित के मुद्दों पर अपनी सहमति देने के लिए बाध्य किया जाएगा।

यह होगा आप का शपथपत्र

- मैं चुनाव में पैसा या शराब नहीं दूंगा। मैं अपराधी नहीं हूं।
- आरटीआइ द्वारा मांगी गई सभी सूचनाएं उपलब्ध कराऊंगा।
- गांव में शराब ठेका खुलवाने के लिए 60 प्रतिशत महिलाओं की रजामंदी जरूरी होगी।
- गोचरान व सरकारी भूमि से कब्जे हटवाउंगा।

- स्कूल, प्राथमिक चिकित्सालय तथा सरकारी कार्यालयों का हर सप्ताह निरीक्षण करूंगा।
- हर माह ग्राम सभा की बैठक कराई जाएगी। हर छह माह में गांव के विकास में लगे पैसे का हिसाब दूंगा।
- गांव में सिटीजन चार्टर लागू करूंगा।
- अपनी चल-अचल संपत्ति लोगों के बीच सार्वजनिक करूंगा।
- गांव में मनरेगा का काम पारदर्शिता से कराया जाएगा।