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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बेटियों के लिए योजनाएं बनाने में मददगार हरियाणा का सेल्फी विद डाटर अभियान

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Fri, 04 Dec 2020 02:14 PM (IST)

35 देशों वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था आर्थिक सहयोग और विकास संगठन ने भारत के सेल्फी विद डाटर अभियान को सराहा है। ...और पढ़ें

सुनील जागलान अपनी दो बेटियों के साथ। फाइल फोटो
सुनील जागलान अपनी दो बेटियों के साथ। फाइल फोटो

जेएनएन, चंडीगढ़। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (International Organization for Economic Co-operation and Development OECD) ने भारत खासकर हरियाणा के सेल्फी विद डाटर अभियान (Selfie With Daughter campaign) तथा फाउंडेशन के कामों की जमकर सराहना की है। ओईसीडी 35 सदस्य देशों का एक अंतर सरकारी आर्थिक संगठन है, जिसकी स्थापना 1960 में आर्थिक प्रगति और विश्व व्यापार को प्रोत्साहित करने हेतु की गई थी।

संगठन की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत सरकार सेल्फी विद डाटर अभियान से काफी प्रभावित है और बेटियों के प्रोत्साहन के लिए बनाई जा रही योजनाओं में इस अभियान का महत्वपूर्ण योगदान है। फ्रांस के पेरिस में आर्थिक सहयोग और विकास संगठन का मुख्यालय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कई देशों में सेल्फी विद डाटर अभियान और फाउंडेशन की आधा दर्जन बार सराहना कर चुके हैं।

इससे पहले इकोनोमिक सर्वे आफ इंडिया (Economic Survey of India) ने इस अभियान को प्रभावशाली अभियान बताया था। कोरोना काल में फाउंडेशन के संयोजक बीबीपुर (जींद) के पूर्व सरपंच सुनील जागलान से आधा दर्जन नए अभियानों को गति दी। इसके तहत प्रत्येक गांव में घरों के बाहर बेटियों के नाम की नेमप्लेट लगाई गई। नूंह (मेवात) में हरियाणा की सबसे बड़ी लाइब्रेरी बनाने की शुरूआत, डिजिटल ग्राम पंचायत की शुरुआत, आनलाइन कक्षाओं का संचालन और दूसरे प्रदेशों से लाई गई बहुओं के घरों के बाहर उनके नाम की प्लेट लगाकर उनकी शान बढ़ाने के काम भी सेल्फी विद डाटर फाउंडेशन ने किए हैं।

आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) ने अपनी रिपोर्ट में पिछले कई साल से महिला सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे प्रयास व बेटियों के प्रति बदल रही सोच में सेल्फी विद डाटर अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका का जिक्र किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिविल सोसायटी और सरकार दोनों इस अभियान को अपना रहे हैं। रिपोर्ट में पूर्व सरपंच सुनील जागलान द्वारा शुरू किए गए अभियान व उनके प्रभावों को सामाजिक बदलाव के रूप में देखा गया है।

रिपोर्ट “टेकिंग प्राइड इन गर्ल्ज : द सेल्फी विद डाटर कैंपेन इन इंडिया “ नाम से प्रकाशित हुई है। एडीजी (सस्टेनेबल डेवलेपमेंट गोल) यूनाइटेड नेशन पर इसे प्रकाशित किया गया है। सेल्फी विद डाटर अभियान एवं फाउंडेशन के संयोजक सुनील जागलान का कहना है कि यह हम सब भारतीयों के लिए खुशी की बात है। पांच वर्ष बाद भी अभियान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी बेहतरीन उपस्थिति दर्ज करवा कर प्रभाव डालने में कामयाब हो रहा है। यह अभियान बेटियों एवं उनके माता-पिता सभी के लिए गर्व बढ़ाने वाला है। भारत में गुम हो रही लड़कियों के बारे में भी जिक्र किया गया है।