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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lockdown में फरीदाबाद में Love Marriage करने पर हो गई FIR, हाई कोर्ट पहुंचा मामला, सरकार से मांगा जवाब

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Wed, 03 Jun 2020 08:49 AM (IST)

लॉकडाउन में बिना मंजूरी लव मैरिज करने पर सेशन कोर्ट ने दंपती पर एफआइआर दर्ज करने के आदेश दे दिए। ...और पढ़ें

Lockdown में फरीदाबाद में Love Marriage करने पर हो गई FIR, हाई कोर्ट पहुंचा मामला, सरकार से मांगा जवाब
Lockdown में फरीदाबाद में Love Marriage करने पर हो गई FIR, हाई कोर्ट पहुंचा मामला, सरकार से मांगा जवाब

जेएनएन, चंडीगढ़। प्रेम विवाह (Love Marriage) के बाद सुरक्षा मांगने वाले प्रेमी जोड़े के खिलाफ फरीदाबाद सेशन कोर्ट ने लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने के कारण FIR दर्ज करा दी। हालांकि युगल को सुरक्षा देने के आदेश सेशन कोर्ट ने दे दिए। नवविवाहित दंपती के साथ ही विवाह कराने वाले पंडित के खिलाफ भी अदालत के निर्देश पर केस दर्ज हो गया। इस आदेश के खिलाफ दंपती और पंडित पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की शरण में पहुंचे। हाई कोर्ट ने FIR पर रोक लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा है।

प्रेमी जोड़े ने 7 मई को फरीदाबाद में आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था। इसके कुछ दिन बाद दोनों ने परिवार वालों से जान का खतरा होने का हवाला देकर फरीदाबाद सेशन कोर्ट में सुरक्षा प्रदान कराने के लिए अर्जी लगाई। सेशन कोर्ट ने उनको सुरक्षा देने के आदेश तो दे दिए, लेकिन जब इस तथ्य पर विचार किया कि 7 मई को लॉकडाउन था, तब विवाह कैसे हुआ। सेशन कोर्ट को बताया गया कि आर्य समाज मंदिर में राकेश पंडित ने विवाह करवाया है। यह तथ्य भी आया कि दोनों ने विवाह के लिए अधिकारियों से मंजूरी भी नहीं ली। इस पर फरीदाबाद के एडीशनल सेशन जज ने प्रेमी जोड़े लोकेश गर्ग व सोनिया और उनका विवाह करवाने वाले पंडित राकेश के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए पुलिस को लिख दिया।

इसका विरोध करते हुए याची के वकील ने हाई कोर्ट को बताया कि 1 मई को केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार विवाह में 50 लोगों को एकत्रित होने की छूट दी गई थी, इसलिए उनको किसी से इजाजत लेने की जरूरत नहीं थी। इस पर हाई कोर्ट की जस्टिस रितु बाहरी की पीठ ने याचिका पर सरकार से जवाब मांगा तो सरकार की तरफ से पेश अधिवक्ता ने समय दिए जाने की मांग की। हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 22 दिसंबर तय कर दी।

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