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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरियाणा में मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति रद

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Wed, 05 Jul 2017 11:12 AM (IST)Updated: Wed, 05 Jul 2017 11:13 AM (IST)

हरियाणा के मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है।

हरियाणा में मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति रद
हरियाणा में मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति रद

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा के चार मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने रद कर दिया है। हरियाणा सरकार के आग्रह पर हाई कोर्ट ने अपने इस फैसले पर अमल करने के लिए तीन सप्ताह की रोक लगा दी है। इससे पहले जस्टिस एसएस सारों एवं जस्टिस दर्शन सिंह की खंडपीठ ने इन नियुक्तियों के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 3 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

 

बता दें, हरियाणा सरकार ने मुख्य संसदीय सचिव के रूप में चार विधायकों श्याम सिंह राणा, बख्शीश सिंह विर्क, सीमा त्रिखा और डॉ.कमल गुप्ता को नियुक्त किया था। इसके खिलाफ एडवोकेट जगमोहन सिंह भट्टी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इनकी नियुक्ति को रद करने की मांग की थी। जब यह याचिका दायर की गई थी , उसी दौरान हाई कोर्ट में पहले से पंजाब के मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्तियों पर दायर याचिका सुनवाई चल रही थी।

हाई कोर्ट ने पंजाब के मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्तियां अवैध और असंवैधानिक करार देकर रद कर दी थी,  लेकिन हरियाणा के मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्तियों के मामले में बहस जारी रही। याची ने बहस के दौरान हाई कोर्ट से मांग की थी कि, हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य संसदीय सचिवों की रद कर चुका है, लिहाजा हरियाणा के मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्तियां भी रद की जानी चाहिए।

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