यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
समाज को गर्त में धकेल रहे हैं पाखंडी: रामदेव
बिजेंद्र बंसल, फरीदाबाद योग गुरु बाबा रामदेव को भी गुस्सा आता है। योग से अपनी इंद्रियों को वश म

बिजेंद्र बंसल, फरीदाबाद
योग गुरु बाबा रामदेव को भी गुस्सा आता है। योग से अपनी इंद्रियों को वश में करने वाले बाबा रामदेव भी समाज के एक पहलू को देखकर तिलमिला जाते हैं। बाबा का अपनी इंद्रियों पर वश नहीं रहता। बाबा का वश चले तो वह समाज के इस पहलू को पूरी तरह खत्म कर दें। वह कहते हैं कि समाज में एक बड़ी बुराई के रूप में फैल रहा यह पहलू समाज के लोगों ने ही तैयार किया है। असल में बाबा को साधु लिबास में वे ढोंग व पाखंडी प्रवचनकर्ता कतई पसंद नहीं हैं जो अंधविश्वास फैलाकर लोगों को खासतौर पर महिलाओं को बेवकूफ बनाकर अपना उल्लू साधते हैं। बाबा मानते हैं कि ऐसे पाखंडी समाज को गर्त में धकेल रहे हैं।
बाबा रामदेव ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में कहा कि कोई गोलगप्पों से कृपा बरसा रहा है तो कोई शनिदेव भगवान का डर दिखाकर धन ऐंठ रहा है और कोई पत्थर बेचकर लोगों का जीवन सुखी करने का दावा कर रहा है। बाबा सवाल करते हैं कि बताओ गोलगप्पों, समोसों में ईश्वर की कृपा बरसती तो गोलगप्पे वाला गोलगप्पे क्यों बेचता? वह खुद गोलगप्पे खाकर खुद का जीवन संवार लेता। शनिदेव भगवान का डर दिखाकर और टीवी पर मोटी राशि खर्च कर विज्ञापन देकर काले-पीले कपड़े पहने पाखंडियों को देखकर तो बाबा का खून खोल उठता है। बाबा बताते हैं कि वे तुरंत न सिर्फ टीवी बंद करवा देते हैं बल्कि कई बार तो अपने जानकार पत्रकारों को भी फोन करके ऐसे पाखंडियों का सच उजागर करने के लिए स्टोरी करने का आग्रह करते हैं।
योग गुरु को पाखंड की एक बात और नहीं पचती। ग्रह चाल के हिसाब विभिन्न तरह के पत्थर पहनाने वाले पाखंडियों के कारनामे देखकर तो वह इतने व्यथित हो जाते हैं कि कई बार उनक सामने बैठे उस व्यक्ति को भी टोक देते हैं जो हाथों की अंगुलियों में अपनी ग्रह चाल के अनुसार स्टोन की अंगूठी पहने हो। बाबा ने सोमवार सुबह फरीदाबाद में लगे योग शिविर के दौरान तो यह भी कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करेंगे कि देश की भलाई के लिए ऐसे ढोंगी पाखंडियों को जेल में डाल देना चाहिए।
