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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अल्‍जाइमर के इलाज में मददगार प्रोटीन की पहचान

By Pratibha Kumari Edited By:
Published: Fri, 30 Dec 2016 08:31 PM (IST)Updated: Fri, 30 Dec 2016 08:37 PM (IST)

अमेरिकी शोधकर्ताओं के अनुसार, ये रोग मष्तिष्क में कुछ प्रोटीन के सही तरह काम नहीं करने की वजह से होते हैं।

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वैज्ञानिकों ने भूलने की बीमारी अल्जाइमर के इलाज मददगार प्रोटीन की पहचान की है। उनका दावा है कि इस प्रोटीन की मदद से अल्जाइमर, पार्किंसन, हंटिंगटन और एम्योट्राफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (एएलएस) जैसे न्यूरो संबंधी रोगों का उपचार किया जा सकता है।

अमेरिकी शोधकर्ताओं के अनुसार, ये रोग मष्तिष्क में कुछ प्रोटीन के सही तरह काम नहीं करने की वजह से होते हैं। ये प्रोटीन उलटा-सीधा मुड़कर तंत्रिका कोशिकाओं में जमा हो जाते हैं। इससे कोशिकाओं को पहले नुकसान पहुंचता है और फिर खत्म हो जाती हैं। इस क्षति को बचाने के लिए एक अलग तरह के प्रोटीन एनआरएफ2 का इस्तेमाल किया गया।

यह प्रोटीन बीमारी के कारक प्रोटीनों को सामान्य करने के साथ कोशिकाओं को बचाने में सफल रहा। ग्लैडस्टोन इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता स्टीवन फिंकबिनर ने कहा, 'मैं न्यूरो संबंधी रोगों के उपचार के नतीजे को लेकर बेहद उत्साही हैं। हमने अल्जाइमर, पार्किंसन, हंटिंगटन और एएलएस रोगों पर एनआरएफ2 प्रोटीन का परीक्षण किया। इन रोगों के इलाज में यह सबसे प्रभावी पाया गया है।

पीटीआई