वड़ोदरा में अतिक्रमण हटाने से नाराज लोगों ने पुलिस चौकी समेत 15 वाहन फूंके
वड़ोदरा के वघोड़िया-आजवा रोड पर मंगलवार को अतिक्रमण हटाने से नाराज स्थानीय लोगों ने पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। पुलिस कर्मचारियों की तीन बाइक सहित करीब एक दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
अहमदाबाद। वड़ोदरा के वघोड़िया-आजवा रोड पर मंगलवार को अतिक्रमण हटाने से नाराज स्थानीय लोगों ने पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। एक बस फूंक दी , पुलिस कर्मचारियों की तीन बाइक सहित करीब एक दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया। घटना को काबू में करने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों ने हवा में फायरिंग व लाठीचार्ज किया। घटना में तीन पुलिस कर्मी सहित छह लोग घायल हो गये है।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह 7 बजे सुलेमानी चाली में अवैध रुप से बनाये गये 397 मकानों को तोड़ने के लिए वड़ोदरा महानगर पालिका अतिक्रमण विभाग की टीम के साथ पुलिस कर्मचारी काफिला पहुंच गया था। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरु हुई कि अपना मकान बचाने लोगों ने पथराव शुरु कर दिया। जिससे भगदड़ मच गई । गुस्साये लोगों ने आजवा रोड़ पर जा रही सिटी बंस में आग लगा दी तथा सुलेमानी चाली के बाहर पानीगेट पुलिस चौकी को भी फूंक दिया। आग के कारण चौकी में रखा एक रायफल भी जल कर राख हो गया। इतना ही लोगों ने पुलिस चौकी के पास पुलिस जवानों की तीन सहित करीब दो दर्जन मोटरसाइकिलों में भी आग लगा दी। उधर सूचना पाते ही उच्चअधिकारियों का कफिला आ पहुंचा। पुलिस ने लोगों की भीड़ को तितर-भीतर करने के लिए 8 राउन्ड फायरिंग की। इसके बाद भी स्थिति काबू में न आने से आंसू गेस के गोले दाग कर पुलिस ने लाठीचार्ज शुरु कर दिया। करीब एक घंटे तक लाठी चार्ज के बाद मामला शांत हुआ ।
पुलिस ने सरकार संपत्ति को नुकशान पहुंचाने व पुलिस जवानों पर हमाल करने के पर 200 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिसमें से 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया। फिर से हिंसा न हो इसके लिए वघोडिया व आसपास के इलाके में एसआरपी जवानो ने मोर्च संभाला है। घटना से पूरे इलाके तनाव पूर्ण माहौल है। पुलिस ने पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर दी है।
वड़ोदरा महानगर पालिका ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत पिछले दो महीने से शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान चल रहा है। वघोडिया रोड पर स्थित सुलेमानी चाली में अवैध रुप से मकान बनाये गये है। इस तोड़ने के लिए स्थानीय लोगों को तीन दिन पहले ही नोटिस देकर मकान खाली करने का आदेश दिया था। लोगों ने मकान बचाने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। परंतु सुप्रीम के आदेश के बाद सुलेमानी चाली से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गयी।
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