यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गुजरात दंगा पीड़ितों के वकीलों को राहत

अहमदाबाद। 2002 के दंगा पीड़ितों के पांच वकीलों को पेशागत कदाचार के आरोपों से मुक्त कर दिया गया है। गुजरात बार काउंसिल के अध्यक्ष अनिल केल्ला ने कहा कि वकीलों के स्पष्टीकरण से हम संतुष्ट हैं और उनके खिलाफ आगे कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।
नरोदा पाटिया मामले के आरोपी प्रेमचंद तिवारी ने मुकदमा दायर कर एडवोकेट कानून के तहत वकील मुकुल सिन्हा, अमरीश पटेल, एसएच अय्यर, शमशाद पठान और सोहेल तिरमीजी पर पेशागत कदाचार के आरोप में कार्रवाई की मांग की थी।
