यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तलाश का बहिष्कार करेंगे सामाजिक संगठन
मुंबई,[चेतना येरुनकर]। टीवी शो सत्यमेव जयते में महिलाओं पर होने वाली घरेलू हिंसा में सिर्फ ससुराल पक्ष को ही जिम्मेदार ...और पढ़ें

मुंबई,[चेतना येरुनकर]। टीवी शो सत्यमेव जयते में महिलाओं पर होने वाली घरेलू हिंसा में सिर्फ ससुराल पक्ष को ही जिम्मेदार ठहराने के विरोध में कई सामाजिक संगठनों ने शो के होस्ट आमिर खान की आने वाली फिल्म तलाश का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इन संगठनों के मुताबिक घरेलू हिंसा पर आधारित एपिसोड में कई अहम तथ्यों को भी छुपाया गया था। आइएफएफ (इंडियन फैमली फाउंडेशन), पीआइएफएफ (प्रोटेक्ट इंडियन फैमली फाउंडेशन) और एमएएसएचएएएल (मदर्स एंड सिस्टर्स ऑफ हसबैंड अगेंस्ट अब्यूज ऑफ लॉ) संयुक्त रूप से इस अभियान को आयोजित कर रहे हैं।
इन संगठनों से मुंबई में जुड़े 10 हजार से ज्यादा पुरुष फिल्म तलाश के बहिष्कार में हिस्सा लेंगे। पीआइएफएफ के सदस्य अमित देशपाडे ने बताया कि सत्यमेव जयते से जुड़े लोगों ने उनका भी साक्षात्कार किया था। इसमें उन्होंने (देशपाडे) बताया था कि किस तरह पुरुष भी घरेलू हिंसा के शिकार हैं, लेकिन इस एपिसोड को प्रसारित नहीं किया गया। देशपाडे के अनुसार, मुद्दा यह नहीं है कि पुरुषों के पक्ष को प्रसारित नहीं किया गया, बल्कि असल बात यह है कि लोगों को पता चलना चाहिए कि महिलाएं किस तरह ऐसी परिस्थितिया पैदा कर देतीं हैं कि पति या ससुराल पक्ष को ऐसा कदम उठाना पड़ता है। देशपाडे ने भारत सरकार के एक आकड़े का ब्योरा देते हुए बताया कि पिछले साल 62 हजार से ज्यादा विवाहित पुरुषों को आत्महत्या के लिए विवश होना पड़ा। (मिड-डे)
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