Shraddha Murder: आफताब की गर्लफ्रेंड बनने के बाद श्रद्धा ने क्यों कटवाए बाल? दोस्तों के सामने भी नहीं खोला राज
श्रद्धा के दोस्तों ने इस पर उसे काफी समझाने की कोशिश की थी लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। कुछ समय बाद ही दोस्तों को पता चला था कि आफताब अमीन पूनावाला उसे प्रताड़ित कर रहा है। श्रद्धा को दूरी बनाने की सलाह भी दी थी लेकिन वह नहीं मानी।
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। मुंबई के पालघर की रहने वाली श्रद्धा वाकर की नृशंस हत्या ने वसई-विरार क्षेत्र में उसके दोस्तों के दिल को भी दहला दिया है। उसके कालेज के सहपाठी इस हत्याकांड से स्तबध हैं। पिछले दो दिनों से उसके दोस्त यही चर्चा कर रहे हैं कि वह बहुत जिंदादिल थी। हालांकि आफताब से संबंधों के बाद उसमें एकाएक परिवर्तन होता चला गया।
बालों को जुनूनी थी फिर क्यों कटवाए बाल?
श्रद्धा की करीबी दोस्त शारदा जायसवाल ने बताया कि कुछ साल पहले उसने अपना सिर मुड़वा लिया था। जिसे देखकर उसके दोस्त हैरान रह गए थे। कई बार पूछने पर इसका कारण नहीं बताया था। जिससे वे कयास लगाते रहे कि मां की मृत्यु के कारण श्रद्धा ने ऐसा किया है। शारदा का कहना है कि अधिकांश दोस्तों को यह चौंकाने वाला लगा था, क्योंकि श्रद्धा अपने बालों को लेकर बहुत जुनूनी थी। बाद में उसने छोटे बाल रख स्टाइल बदल लिया था।
श्रद्धा को था घूमना पसंद
एक अन्य दोस्त जीएस मेनेजेस का कहना है कि शारदा और श्रद्धा बीएमएम पाठ्यक्रम में सहपाठी थीं, जो वसई पूर्व की जुड़वां बस्ती में उनके घर से कुछ किलोमीटर दूर थी, जहां मेनेजेस भी पढ़ रहीं थीं। श्रद्धा को घूमना पसंद था। वह मई में हिमाचल प्रदेश के गार्डन कैफे गई थी।
लॉन्ग ड्राइव पर जाना था पसंद
कालेज के दिनों में वे लोग समूहों में लंबी पैदल यात्रा, ट्रेकिंग, रेस्तरां या काफी-शाप में छोटी सैर या सप्ताहांत के दौरान लांग ड्राइव पर जाते थे। कालेज की सभी कार्यक्रमों, पाठ्यचर्या संबंधी गतिविधियों में श्रद्धा भाग लेती थी। वह बहुत खुशमिजाज थी।
लिव इन में रहने के लिए छोड़ दिया था अपना घर
शारदा और मेनेजेस का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद श्रद्धा ने पहले डीकाथलान नामक एक कंपनी में काम शुरू किया था। बाद में काल सेंटर में नौकरी करने लगी। शारदा व मेनेजेस को श्रद्धा के बचपन के दोस्त लक्ष्मण नादर ने बताया था कि श्रद्धा आफताब के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही है। इसके लिए उसने अपना घर छोड़ दिया है। लोगों ने आफताब को श्रद्धा को चोट पहुंचाने से परहेज करने की चेतावनी दी थी, लेकिन वह स्वभाव से ही गुस्सैल है।
गैर धर्म के लड़के से रिश्तों को परिवार था नाराज
शारदा और मेनेजेस का कहना है कि श्रद्धा एक पारंपरिक, परिवार से थी जो गणेशोत्सव जैसे त्योहार मनाता है। उसके अंतर-धार्मिक संबंधों पर परिवार ने आपत्ति जताई थी। मेनेजेस को आखिरी बार श्रद्धा से एक संदेश मिला था, जिसमें वीडियो-एडिटिंग जाब के लिए कुछ मदद मांगी गई थी और उसने उसमें सहायता की थी।
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