फिर मुश्किल में केजरीवाल, अब 21 AAP विधायकों की सदस्यता भी खतरे में
राष्ट्रपति के आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के संसदीय सचिव विधेयक को मंजूरी देने से इनकार करने के बाद अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
नई दिल्ली (जेएनएन)। राष्ट्रपति के दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के संसदीय सचिव विधेयक को मंजूरी देने से इनकार करने के बाद अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति की ओर से विधेयक को मंजूरी नहीं मिलने से आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों की सदस्यता रद हो सकती है।
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आप सरकार के बिल में संसदीय सचिव के पद को लाभ के पद के दायर से बाहर रखने का प्रावधान था। राष्ट्रपति ने इसे नामंजूर कर दिया है। आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों की सदस्यता रहेगी या जाएगी? अब इस मामले का फैसला चुनाव आयोग को करना है। इस बाबत रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजी जाएगी।
सदस्यता रद करने का अधिकार राष्ट्रपति के पास
संविधान विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी सांसद या विधायक की सदस्यता रद्द करने का अधिकार राष्ट्रपति के पास है। राष्ट्रपति की ओर से विधेयक को मंजूरी नहीं मिलने के बाद संभावित स्थिति पर विचार करने के लिए आम आदमी पार्टी ने एक आपातकालीन बैठक की।
इन विधायकों पर लटकी है तलवार
1. जरनैल सिंह, राजौरी गार्डन
2. जरनैल सिंह, तिलक नगर
3. नरेश यादव, मेहरौली
4. अल्का लांबा, चांदनी चौक
5. प्रवीण कुमार, जंगपुरा
6. राजेश ऋषि, जनकपुरी
7. राजेश गुप्ता, वज़ीरपुर
8. मदन लाल, कस्तूरबा नगर
9. विजेंद्र गर्ग, राजिंदर नगर
10. अवतार सिंह, कालकाजी
11. शरद चौहान, नरेला
12. सरिता सिंह, रोहताश नगर
13. संजीव झा, बुराड़ी
14. सोम दत्त, सदर बाज़ार
15. शिव चरण गोयल, मोती नगर
16. अनिल कुमार बाजपई, गांधी नगर
17. मनोज कुमार, कोंडली
18. नितिन त्यागी, लक्ष्मी नगर
19. सुखबीर दलाल, मुंडका
20. कैलाश गहलोत, नजफ़गढ़
21. आदर्श शास्त्री, द्वारका
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