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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कपिल ने कुमार विश्वास को खत लिखकर कहा- अपमान माफ करने योग्य नहीं

By Amit MishraEdited By:
Published: Sat, 24 Jun 2017 08:45 PM (IST)Updated: Sat, 24 Jun 2017 09:09 PM (IST)

कपिल ने यह भी लिखा कि 'खासतौर पर तब जब अमानतुल्ला के माध्यम से आपके खिलाफ साजिश शुरू की गई तो मैंने भी खुलकर आपका साथ दिया।

कपिल ने कुमार विश्वास को खत लिखकर कहा- अपमान माफ करने योग्य नहीं
कपिल ने कुमार विश्वास को खत लिखकर कहा- अपमान माफ करने योग्य नहीं

नई दिल्ली [राज्य ब्यूरो]। आम आदमी पार्टी (आप) एवं कुमार विश्वास के बीच चल रहे मनमुटाव पर कपिल मिश्रा ने उनकी चुप्पी की वजह जानने के लिए उन्हें एक खुला पत्र लिखा है।

कपिल ने पत्र में लिखा है कि 'आप' में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में इन बातों पर सार्वजनिक तौर पर चर्चा आवश्यक है। इसी के तहत आपको पत्र लिख रहा हूं। जिस प्रकार से अरविंद केजरीवाल के साथ 24 घंटे सीएम हाउस में रहने वाले कुछ दरबारियों व विदूषकों द्वारा ट्विटर पर, सड़क पर और मीडिया में, बार-बार आपको अपमानित किया जा रहा है, वो पीड़ादायक है, माफ करने योग्य नहीं है और उसका जवाब किसी भी स्वाभिमानी व्यक्ति द्वारा दिया जाना अत्यंत आवश्यक है।'

कपिल ने लिखा 'मगर ऐसा भी नहीं कि आपके द्वारा सबकुछ पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा हो। पिछले कुछ समय में आपने पार्टी व सरकार में भ्रष्टाचार पर खुलकर आवाज उठाई। जब आपने 'वी द नेशन' वीडियो में खुलकर कहा कि अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार पर मौन हैं, इस पर बहुत बवाल हुआ था।'

कपिल ने खत में लिखा 'आपने सत्येंद्र जैन के भ्रष्टाचार की तरफ खुलकर इशारा किया। इसके समर्थन में कई विधायक व कार्यकर्ता साथ आ गए। आपने कई टीवी चैनल पर लगातार इंटरव्यू दिए । 27 विधायकों ने खुलकर आपको भरोसा दिया। इससे पार्टी एवं सरकार में भ्रष्टाचार से तंग कार्यकर्ताओं को भी लगा कि 'आप' भ्रष्टाचार के खिलाफ कुछ सीधे कदम जरूर उठाएंगे।'

कपिल ने यह भी लिखा कि 'खासतौर पर तब जब अमानतुल्ला के माध्यम से आपके खिलाफ साजिश शुरू की गई तो मैंने भी खुलकर आपका साथ दिया। फिर जो हुआ, वो हैरान करने वाला था। अरविंद केजरीवाल आपके घर आए और आप उठकर उनके घर चले गए। वहां बन्द कमरे में मीटिंग हुई और अगले दिन आप राजस्थान के प्रभारी बन गए। भ्रष्टाचार के सारे सवाल खत्म। उस दिन से आप चुप हैं।' 

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