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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गुड़गांव अब गुरुग्राम और मेवात जिला नूंह के नाम से जाना जाएगा

By Amit MishraEdited By:
Published: Tue, 12 Apr 2016 06:29 PM (IST)Updated: Wed, 13 Apr 2016 07:29 AM (IST)

साइबर सिटी के नाम से मशहूर गुड़गांव का नाम बदलकर गुरुग्राम कर दिया है। राज्य के सबसे पिछड़े जिले के ...और पढ़ें

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गुड़गांव। हरियाणा सरकार ने अभूतपूर्व फैसला लेते हुए दुनिया भर में साइबर सिटी के नाम से मशहूर गुड़गांव का नाम बदलकर गुरुग्राम कर दिया है। राज्य के सबसे पिछड़े जिले के रूप में प्रचारित मेवात जिले का नाम भी बदला गया है। मेवात जिले का नाम अब नूंह होगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दोनों जिलों के नाम बदलने के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान कर दी है। गुड़गांव और मेवात जिलों के डीसी की तरफ से राज्य सरकार के पास इन जिलों के नाम बदलने के प्रस्ताव आए थे, जिन पर व्यापक विचार विमर्श के बाद मंजूरी प्रदान कर दी गई है। प्रदेश सरकार यमुनानगर जिले के मुस्तफाबाद का नाम बदलकर सरस्वती नगर कर चुकी है।

हरियाणा सरकार द्वारा शहरों व जिलों के नाम बदलने का यह दूसरा फैसला है। मेवात जिला जब अस्तित्व में आया था, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने इसका नाम सत्यमेवपुरम रखा था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसे बदलकर दोबारा फिर मेवात कर दिया था। इसी तरह गुड़गांव बनने से इसका प्राचीन नाम गुरुग्राम था, जिसे इस सरकार ने मंजूर प्रदान कर नया विवाद छेड़ दिया है।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के गलियारों में इन जिलों के नाम बदलने की सराहना हो रही है, जबकि राजनीतिक स्तर पर भाजपा सरकार के इस प्रयास का विरोध हो सकता है।