विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

NEET: केजरीवाल ने मोदी से कहा-'अध्यादेश होगा देश के साथ धोखा'

By JP YadavEdited By:
Published: Fri, 20 May 2016 10:53 AM (IST)Updated: Fri, 20 May 2016 04:12 PM (IST)

मेडिकल और डेंटल कॉलेज के लिए NEET परीक्षा मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र के अध्यादेश लाने की आशंका के बीच अरविंद केजरीवाल ने हमला बोला है।

News Article Hero Image

नई दिल्ली। मेडिकल और डेंटल कॉलेज के लिए राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र के अध्यादेश लाने की आशंका के बीच आम आदमी पार्टी ने हमला बोला है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस बाबत प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा है।

NEET एक साल के लिए टला, कैबिनेट ने दी अध्यादेश को मंज़ूरी

राज्य नहीं ले सकेंगे मेडिकल प्रवेश परीक्षा

केजरीवाल ने खत में लिखा है, 'सुनने में आ रहा है कि केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को पलटने का मन बना रही है। लोग इस खबर से परेशान हैं। मेरे पास कई छात्र मिलने के लिए आए और उन्होंने यह आशंका जताई है।'

यहां पर याद दिला दें कि गौरतलब है कि दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 11 अप्रैल को एक बार फिर सरकारी और प्राइवेट कालेजों में एमबीबीएस, बीडीएस और मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए कॉमन टेस्ट यानी एनईईटी को हरी झंडी दिखा दी थी। नीट एक्जाम दो फेज में होना था। पहला एक मई को हो चुका है तो दूसरा 24 जुलाई को होगा।

अध्यादेश होगा देश के साथ धोखा

उन्होंने खत के जरिये मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा, 'केंद्र सरकार अगर ऐसा करती है तो यह देश के लिए लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा होगा।'

स्वास्थ्य मंत्री की मीटिंग का दिया हवाला

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की दिल्ली में हुई मीटिंग का भी खत में जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है, 'अभी कुछ दिन पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की मीटिंग बुलाई थी। उस मीटिंग में लगभग सभी स्वास्थ्य मंत्रियों ने नीट का विरोध किया था। केवल दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने इसका पुरजोर विरोध किया था।'

खत में केजरीवाल ने आरोप लगाया है, 'बताया जाता है कि कई पार्टियों के कई नेताओं और सांसदों के अपने प्राइवेट मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं। इनमें से कुछ अच्छे भी हैं तो कई में पैसे का गौरखधंधा चल रहा है।'

खत में छात्रों का दिया हवाला

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने खत के अंत लिखा है 'देश के सभी छात्र और लोग चाहते हैं कि नीट परीक्षा लागू हो। नीट को समाप्त करने के लिए अध्यादेश नहीं लाया जाए वरना लोगों में संदेश जाएगा कि केंद्र सरकार काला धन संचय करने वालों का साथ दे रही है।'

इससे पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि ऐसा लग रहा है कि वे (केंद्र) सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अध्यादेश लाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि एनईईटी को रोका जा सके।

जैन ने एनईईटी मुद्दे पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा की मुलाकात के बाद यह बात कही थी।