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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बीएचयू कुलपति के बयान से छात्र संगठन नाराज

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Published: Fri, 20 Nov 2015 09:32 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : शोध करने वाले विद्यार्थी फेलोशिप की राशि एकत्र कर मोटरसाइकिल खरीदते हैं। इ

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : शोध करने वाले विद्यार्थी फेलोशिप की राशि एकत्र कर मोटरसाइकिल खरीदते हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के 30वें स्थापना दिवस के मौके पर बनारस ¨हदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गिरीश चन्द्र त्रिपाठी की ओर से दिए गए इस बयान पर छात्र संगठन बेहद खफा हैं। एबीवीपी ने कुलपति के इस बयान को छात्र व शोध विरोधी बताया है। वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने कहा है कि देश के लिए शोध कार्य में जुटे विद्यार्थियों का ऐसा अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एबीवीपी दिल्ली के प्रदेश मंत्री साकेत बहुगुणा ने कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर शोध करने वाले विद्यार्थियों को मिलने वाली फेलोशिप की राशि पर उनका पूरा अधिकार है और उसे किस तरह से खर्च करना है इसका फैसला भी वहीं करेंगे। बीएचयू के कुलपति की ओर से दिया गया बयान बेहद हैरान करने वाला है। यकीन नहीं होता है कि कोई कुलपति शोध कार्य में जुटे विद्यार्थियों के प्रति ऐसी सोच रख सकता है।

वहीं, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुचेता डे ने कहा कि बीएचयू कुलपति का बयान बेहद शर्मनाक है। यह बयान किसी कुलपति का नहीं, बल्कि शोध के प्रति सरकार के रवैये का प्रदर्शक है। उन्होंने कहा कि बीएचयू में हाल ही में यूजीसी की ओर से बंद की जा रही गैर नेट फेलोशिप के विरोध में जागरूकता अभियान चलाया गया था, जिसका छात्रों ने समर्थन किया। बीएचयू कुलपति को उनके बयान के चलते विभिन्न मंचों पर विद्यार्थी घेरेंगे।

य जीसी मुख्यालय के बाहर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन

ग र नेट छात्रों की फेलोशिप की मांग को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मुख्यालय के बाहर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। 21 नवंबर को प्रदर्शन करते हुए छात्रों को एक माह हो जाएगा। एक महीना पूरा होने पर छात्रों ने यूजीसी मुख्यालय के बाहर विरोध स्वरूप सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया है। इस मौके पर इस अभियान को लेकर शुरू किए गए फेसबुक पेज का भी प्रचार किया जाएगा। ताकि देशभर में जारी जागरूकता अभियान को बल मिले और विद्यार्थी इससे सीधे जुडे़ं।