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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कौन बनेगा डीयू का कार्यकारी कुलपति

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Published: Sat, 10 Oct 2015 07:02 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कुलपति प्रो. दिनेश सिंह का 28 अक्टूबर को

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कुलपति प्रो. दिनेश सिंह का 28 अक्टूबर को कार्यकाल खत्म हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट कह दिया है कि 28 अक्टूबर के बाद वह कार्यालय नहीं आएंगे। ऐसे में विश्वविद्यालय में चर्चा जोरों पर है कि आखिर दिनेश सिंह के जाने के बाद कार्यकारी कुलपति कौन बनेगा?

विश्वविद्यालय सूत्रों के मुताबिक नियमों के अनुसार कुलपति के जाने पर उनके स्थान पर समकुलपति और फिर उनके बाद डीन ऑफ कॉलेज व निदेशक, साउथ कैंपस का नंबर आता है। इसके बाद अगला नंबर रजिस्ट्रार, निदेशक (कैंपस ऑफ ओपन लर्निग) व प्रोक्टर का है। सूत्र बताते हैं कि विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद् में कुलपति की टीम में कार्यरत सदस्यों की सेवानिवृत्ति की उम्र 65 साल से बढ़ाकर 70 साल किए जाने का प्रस्ताव पारित हो चुका है। ऐसे में समकुलपति कार्यकारी कुलपति बन सकते हैं और यदि वे इन्कार कर देते हैं तो अगला नंबर डीन ऑफ कॉलेज का है। डीयू शिक्षक संघ की अध्यक्ष डॉ. नंदिता नारायण का कहना है कि मंत्रालय की ओर से कुलपति को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी उनकी टीम पर भी बराबर की है। ऐसे में उनकी टीम से किसी भी व्यक्ति को कार्यकारी कुलपति नहीं बनाया जाना चाहिए।

वहीं, चर्चा ये भी है कि समकुलपति व डीन ऑफ कॉलेज इस पद पर आसीन होने से इन्कार कर सकते हैं। ऐसे में इस पद पर निदेशक, साउथ कैंपस की नियुक्ति हो सकती है। लेकिन इसको लेकर भी विशेषज्ञों की अलग राय है। उनका कहना है कि चूंकि नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर लागू नियम में आयु सीमा 65 साल या इससे कम है और प्रोफेसरशिप के लिए 10 साल का नियम है, तो निदेशक साउथ कैंपस को भी कार्यकारी कुलपति का पद नहीं दिया जाना चाहिए। वहीं, यदि इस प्रकरण में मंत्रालय का हस्तक्षेप हुआ तो नए कुलपति से पहले विश्वविद्यालय में कार्यकारी कुलपति की नियुक्ति को लेकर खूब खींचतान मचने वाली है।