यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डूसू की 'महाभारत' में 'युधिष्ठिर' बनेंगे मुद्दा
शैलेन्द्र सिंह, नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) के चुनावी दंगल में फिल्म एंड टेलीवि

शैलेन्द्र सिंह, नई दिल्ली
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) के चुनावी दंगल में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआइआइ) के अध्यक्ष पद पर गजेंद्र चौहान (महाभारत के युधिष्ठिर) की नियुक्ति का मुद्दा भी गरमाएगा। इस विषय को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) जहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) पर हल्ला बोलने की तैयारी कर रहा है, वहीं एबीवीपी बचाव की जगह सीधे जवाब देने की रणनीति पर अमल करेगी।
एनएसयूआइ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोजी एम जॉन का कहना है कि जिस तरह कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी एफटीआइआइ में गजेंद्र चौहान की नियुक्ति का विरोध कर रहे छात्रों के समर्थन में उतरे हैं, उसे देखते हुए इस विषय को डूसू चुनाव में ले जाएंगे। हम शैक्षणिक संस्थानों में सरकार के अनुचित हस्तक्षेप का विरोध करते हैं। इसका ताजा उदाहरण एफटीआइआइ में सामने आया है, इसलिए इस विषय को विद्यार्थियों के बीच जोर-शोर से ले जाएंगे।
एबीवीपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य व पूर्व राष्ट्रीय मंत्री रोहित चहल का कहना है कि एफटीआइआइ का अध्यक्ष कौन होगा और कौन नहीं इसका निर्णय केंद्र सरकार करती है। जहां तक बात कुछ वामपंथी छात्र व शिक्षक संगठनों और उनकी पिछलग्गू बनी एनएसयूआइ की है तो ये वही लोग हैं, जो याकूब मेमन की फांसी के खिलाफ थे। रोहित ने कहा कि बात चाहे डूसू चुनाव की हो या फिर किसी अन्य मंच की यदि अनावश्यक रूप से शैक्षणिक संस्थानों में अनुचित ढंग से दुष्प्रचार का प्रयास किसी संगठन ने किया तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। इस बार विद्यार्थियों के बीच एनएसयूआइ ने कुछ काम ही नहीं किया है, इसलिए डूसू चुनाव में ऐसे मुद्दे तलाश रही जिसके पीछे साल भर की निष्क्रियता को छिपाया जा सके।
