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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कॉलेज सार्वजनिक नहीं कर रहे दाखिले की जानकारी

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Published: Mon, 03 Aug 2015 07:44 PM (IST)

अभिनव उपाध्याय, नई दिल्ली फर्जी दाखिलों को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने कॉलेजों को निर

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अभिनव उपाध्याय, नई दिल्ली

फर्जी दाखिलों को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने कॉलेजों को निर्देश दिया है कि वे वेबसाइट पर छात्रों के ओएमआर फार्म नंबर सार्वजनिक करें। कई कॉलेजों ने न तो इसकी जानकारी डीयू को दी है और न ही वेबसाइट पर ही सार्वजनिक कर रहे हैं। डीयू के 63 कॉलेजों में से 20 ने ही जानकारी दी है।

यदि कॉलेज वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध करा देंगे तो यह जानना आसान हो जाएगा कि किस छात्र ने किस श्रेणी में दाखिला लिया है। उसने ओएमआर में जिस विषय के लिए आवेदन किया था, दाखिला उसी में लिया है या दूसरे विषय में। जिन लोगों ने फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे दाखिला लिया है या कई जगह दाखिला लिया है, यह पकड़ना भी आसान होगा।

वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए डीयू प्रशासन ने कॉलेजों को एक प्रारूप भी भेजा है। इसके बावजूद कॉलेज कोताही बरत रहे हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि कॉलेज ओएमआर फार्म नंबर, संबंधित विषय में दाखिले की जानकारी, कटऑफ, आरक्षित वर्ग, कोटा, अंक, माता-पिता के नाम व अन्य जानकारियां मांगी हैं।

नामी कॉलेजों में ओबीसी सर्टिफिकेट के आधार पर दाखिला देने की शिकायत आई है। यह कॉलेज की वेबसाइट देखकर ही पता चल जाएगा। डीयू के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि ऐसा पहली बार है कि हम ओएमआर फार्म का नंबर भी मांग रहे हैं, क्योंकि इससे फर्जी दाखिला पकड़ना आसान होगा। ओएमआर की एक प्रति हमारे पास भी है। कुछ वर्षो फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर दाखिला लेने के मामले सामने आ रहे हैं। डीयू ने कॉलेजों से दाखिले और खाली सीटों का ब्यौरा भी मांगा है। फर्जी दाखिलों के संबंध में क्राइम ब्रांच की जांच की वजह से यह मामला और अहम हो गया है।