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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आवारा कुत्तों व बंदरों को लेकर याचिका दायर

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Published: Wed, 22 Jul 2015 10:42 PM (IST)

जासं, नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए राजधानी में ते

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जासं, नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए राजधानी में तेजी से बढ़ रहे आवारा कुत्तों व बंदरों की संख्या पर लगाम कसने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंतनाथ की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई लिए 17 अगस्त की तारीख तय की है। अदालत ने कहा कि जानवरों की अपेक्षा मनुष्य की जान ज्यादा कीमती है।

यह याचिका एनजीओ सोसायटी फॉर पब्लिक कॉज द्वारा दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957 की धारा 399 के तहत आवारा कुत्तों पर नियंत्रण व नियमन के लिए नगर निगम जिम्मेदार है। याचिका में कहा गया है कि सड़क पर आवारा कुत्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए स्वच्छ भारत अभियान में बाधा है। कुत्तों के काटने पर पर्यावरण व वन मंत्रालय पीड़ित या मरने वाले के आश्रितों को समुचित रूप से मुआवजा प्रदान करने के लिए बाध्य है। याचि का कहना है कि ऐसे आवारा कुत्तों व बंदरों को नागालैंड भेजने के अलावा उनका निर्यात भी किया जाना चाहिए। सभी पालतू कुत्तों का पंजीकरण करना अनिवार्य किया जाए और उनपर कॉलर बैंड और टैग लगाना भी अनिवार्य हो। यदि कोई कुत्ता बिना टैग के पकड़ा जाता है तो उसे जब्त कर उसके मालिका पर जुर्माने का प्रावधान किया जाए।